पंचकूला/अम्बाला, 07 अप्रैल 2026: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अम्बाला ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आईसीडीपी (ICDP) कैथल से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुरेश कुमार (प्रोजेक्ट टीम सदस्य-कम-लेखाकार) के रूप में हुई है।
ब्यूरो के अनुसार आरोपी को अभियोग संख्या 06 दिनांक 31 जनवरी 2024 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 7, 8, 12 और 13 के तहत गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को माननीय अदालत (एसीजेएम, कैथल) में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अब उसे 8 अप्रैल 2026 को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
यह कार्रवाई गुरुग्राम स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज एक अन्य मामले (अभियोग संख्या 21, दिनांक 13 मई 2023) की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई। जांच में खुलासा हुआ कि स्टालियनजीत सिंह और जितेन्द्र कौशिक ने आईसीडीपी कैथल के माध्यम से जिला कैथल की प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (PACS) में मिलीभगत कर बड़े स्तर पर गड़बड़ी की।
आरोप है कि इन लोगों ने निम्न गुणवत्ता का सामान — जैसे कंप्यूटर उपकरण, सोलर पैनल, सीसीटीवी कैमरे, जीएसटी सॉफ्टवेयर और फर्नीचर — ऊंची कीमतों पर सप्लाई किया। इसके साथ ही रिश्वतखोरी के भी पुख्ता सबूत जांच में सामने आए हैं।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में पहले भी कई आरोपियों पर कार्रवाई हो चुकी है। 31 जनवरी 2024 को तत्कालीन जीएम जितेन्द्र कौशिक को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 14 नवंबर 2025 को विकास कुमार और उमेद सिंह चोपड़ा (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन टीम सदस्य) को माननीय उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के आदेशानुसार गिरफ्तार किया गया था।
भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और जांच को आगे बढ़ाते हुए अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।












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