बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 3 जून। हरियाणा सरकार ने आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के छह जिलों में 26 नए सरकारी आयुर्वेदिक औषधालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना पर लगभग 15.70 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को और अधिक सशक्त बनाना है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इन औषधालयों का निर्माण यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, करनाल और गुरुग्राम जिलों में किया जाएगा। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,570.22 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि यमुनानगर जिले में सबसे अधिक 10 औषधालय बनाए जाएंगे। इनमें भांगेरा, ताजेवाला, खुर्दबन, तलकौर, महियुद्दीनपुर, दारपुर, ढाकवाला, दादुपुर हेड, दमोली और लेड़ा खादर गांव शामिल हैं। प्रत्येक औषधालय के निर्माण पर लगभग 59.17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
कुरुक्षेत्र जिले में अजराना कलां, कलसा और मोहरी गांवों में तीन आयुर्वेदिक औषधालय स्थापित किए जाएंगे। इनमें अजराना कलां और मोहरी में 59.15 लाख रुपये तथा कलसा में 59.74 लाख रुपये की लागत आएगी। वहीं करनाल जिले के फफड़ाना गांव में 59.17 लाख रुपये की लागत से एक नया औषधालय बनाया जाएगा।
रेवाड़ी जिले में रोहराई, झाबुआ, जयसिंहपुर खेड़ा और करावरा मानकपुर गांवों में चार औषधालय बनाए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक पर 59.17 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा लीसान गांव में 59 लाख रुपये की लागत से एक अलग औषधालय का निर्माण किया जाएगा।
महेंद्रगढ़ जिले में गुढ़ा, बावनिया, रसूलपुर, बुचावास, सुरजनवास और रामबास गांवों में छह नए औषधालय स्थापित होंगे। प्रत्येक औषधालय की अनुमानित लागत 64.50 लाख रुपये रखी गई है।
इसके अतिरिक्त गुरुग्राम जिले के सहजावास गांव में 58.63 लाख रुपये की लागत से एक सरकारी आयुर्वेदिक औषधालय बनाया जाएगा।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इन सभी औषधालयों के निर्माण के लिए लागत अनुमान विकास एवं पंचायत विभाग से प्राप्त हो चुके हैं। परियोजना का क्रियान्वयन संबंधित एजेंसियों के समन्वय से पंचायती राज विभाग के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नए औषधालय शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आयुर्वेदिक उपचार, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और पारंपरिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ अपने नजदीक ही उपलब्ध होगा। साथ ही हरियाणा में आयुष स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलेगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकेंगी।













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