शिवालिक विकास मंच ने सर्वसम्मति से पारित किया प्रस्ताव, एडवोकेट विजय बंसल बोले—नामकरण से नई पीढ़ी को मिलेगा देशभक्ति और बलिदान का संदेश
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
कालका/पिंजौर, 18 सितंबर। महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को शिवालिक विकास मंच की ओर से प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल के आवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मदन लाल ढींगरा के चित्र पर श्रद्धा के फूल अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया गया। इस अवसर पर पंजाबी खत्री अरोड़ा सभा पिंजौर के पदाधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल ने कालका स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल का नाम अमर शहीद मदन लाल ढींगरा के नाम पर रखने की पुरजोर मांग उठाई। मंच की ओर से इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से स्कूल के नामकरण की मांग की गई।
एडवोकेट विजय बंसल ने कहा कि मदन लाल ढींगरा का कालका से भी ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, कॉलेज से निष्कासन के बाद ढींगरा ने कालका में एक बग्गी सेवा में काम किया था, जो गर्मियों में कालका से शिमला आने-जाने वाले यात्रियों के परिवहन से जुड़ी थी।
उन्होंने बताया कि मदन लाल ढींगरा का जन्म 18 सितंबर 1883 को अमृतसर में हुआ था। छात्र जीवन से ही उनके भीतर राष्ट्रवादी विचारों का प्रभाव दिखाई देने लगा था। वर्ष 1904 में विदेशी कपड़े के विरोध में छात्र आंदोलन से जुड़े रहने के बाद उन्हें कॉलेज से निष्कासित किया गया। बाद में वे इंग्लैंड गए और वहां भारतीय क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े।
ढींगरा ने 1909 में लंदन में ब्रिटिश अधिकारी सर विलियम हट कर्जन वायली की हत्या की। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और 17 अगस्त 1909 को फांसी दे दी गई। वे उस समय बेहद कम उम्र के थे और उनका जीवन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।
एडवोकेट विजय बंसल ने कहा कि कालका की धरती का स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि अरुणा आसफ अली, गणेशी लाल दादाजी और पृथ्वी सिंह आजाद जैसे स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े इस क्षेत्र में मदन लाल ढींगरा के नाम को भी संस्थागत रूप से सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्कूल का नाम शहीद मदन लाल ढींगरा के नाम पर रखने से विद्यार्थियों और आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन, संघर्ष और देश के लिए दिए गए बलिदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले कालका कॉलेज का नाम अरुणा आसफ अली के नाम पर तथा पिंजौर में कारगिल शहीद ढींडसा साहब के नाम पर नामकरण किया जा चुका है।
कार्यक्रम में पंजाबी खत्री अरोड़ा सभा के प्रधान चरणजीत कोहली, चीफ पैटर्न महिंदर कक्कड़, राकेश, अरुण, बलबीर सिंह, सदरू खान, सूरजभान दहिया, जतिंदर कंवर, गुरप्यारा, सुरिंदर बंसल, रामबीर, राजिंदर, योगिंदर ठाकुर, सुरिंदर बिल्ला, अमन सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।















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