प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने डिजिटल माध्यम से किया उद्घाटन, वाहनों को दिखाई हरी झंडी
सहकारी मॉडल के जरिए टैक्सी चालकों की भागीदारी और आय बढ़ाने पर जोर
चंडीगढ़, 18 सितंबर 2026। यूटी चंडीगढ़ में तकनीक आधारित परिवहन सेवा भारत टैक्सी का शुक्रवार को औपचारिक शुभारंभ किया गया। चंडीगढ़ प्रशासन के सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित समारोह में यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल तथा केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
समारोह में चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दीपरवा लाकड़ा, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव रमन कुमार, भारत टैक्सी के अध्यक्ष जयेन मेहता तथा सहकारिता सचिव एल. मोहम्मद मंसूर सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, भारत टैक्सी के प्रतिनिधि, सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सदस्य, चालक-सदस्य और अन्य आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे।
सहकारी मॉडल को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की पहल
चंडीगढ़ में भारत टैक्सी की शुरुआत परिवहन क्षेत्र में सहकारी मॉडल के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। इस मॉडल में टैक्सी चालकों को केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के सदस्य और हितधारक के रूप में जोड़ने पर जोर दिया गया है।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को भारत टैक्सी की कार्यप्रणाली, सहकारी मॉडल और इसकी प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी गई। इस संबंध में एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई। चालक-सदस्यों की भागीदारी को दर्शाते हुए पांच चालक-सदस्यों को शेयर प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।
इसके बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने डिजिटल माध्यम से भारत टैक्सी का उद्घाटन किया और भारत टैक्सी के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही यूटी चंडीगढ़ में भारत टैक्सी सेवा का औपचारिक संचालन शुरू हो गया।
सुरक्षित और किफायती परिवहन विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भारत टैक्सी की शुरुआत को चंडीगढ़ की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल श्रम के सम्मान, सहकारी स्वामित्व, तकनीकी आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी।
उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी मॉडल में चालक केवल यात्रियों को सेवा देने वाला व्यक्ति नहीं रहेगा, बल्कि प्लेटफॉर्म का सदस्य और हितधारक बनकर इसकी व्यवस्था में भागीदारी कर सकेगा।
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ आधुनिक और प्रगतिशील शहर के रूप में विकसित हुआ है। ऐसे में भारत टैक्सी शहर की मौजूदा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की पूरक बन सकती है और नागरिकों को सुरक्षित, किफायती तथा विश्वसनीय परिवहन विकल्प उपलब्ध कराने में भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भारत टैक्सी को आवश्यक सहयोग और समन्वय का आश्वासन देते हुए सेवा में पारदर्शिता, डेटा सुरक्षा, उचित किराया व्यवस्था और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही इलेक्ट्रिक और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को प्रोत्साहित करने का भी आग्रह किया।
चालकों को प्लेटफॉर्म के लाभ में भागीदारी का दावा
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारी मॉडल पर आधारित है। इसके माध्यम से टैक्सी चालकों को प्लेटफॉर्म में सक्रिय भागीदार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सदस्य और हितधारक के रूप में जुड़े चालकों को प्लेटफॉर्म के लाभ में भी हिस्सेदारी मिलेगी। उनके अनुसार, यह व्यवस्था चालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनकी सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक हो सकती है और प्लेटफॉर्म से होने वाले लाभ को चालकों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।
10 लाख चालक पंजीकृत होने का दावा
केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि देशभर में अब तक करीब 10 लाख चालक भारत टैक्सी के साथ पंजीकरण करवा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें चंडीगढ़ के एक लाख से अधिक चालक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में भारत टैक्सी की शुरुआत सेवा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण है। आने वाले महीनों में पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और जालंधर सहित अन्य शहरों में भी भारत टैक्सी सेवाओं का विस्तार करने की योजना है।
सहकारिता और तकनीक का मेल
सहकारिता विभाग, यूटी चंडीगढ़ ने संबंधित विभागों और भारत टैक्सी के प्रतिनिधियों के सहयोग से कार्यक्रम का समन्वय किया। इस पहल का उद्देश्य सहकारी मॉडल को परिवहन क्षेत्र तक विस्तार देना और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से चालक-सदस्यों की भागीदारी बढ़ाना है।
भारत टैक्सी की चंडीगढ़ में शुरुआत के साथ अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सेवा का विस्तार किस गति से होता है, कितने चालक नियमित रूप से इससे जुड़ते हैं और यात्रियों को किराया, उपलब्धता, सुरक्षा तथा शिकायत निवारण के स्तर पर किस प्रकार की सुविधा मिलती है।















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