चंडीगढ़ के 50 हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को हर महीने 7 तारीख तक वेतन दिलाने की मांग, प्रशासक से मिले संजय टंडन
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने का मुद्दा भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय टंडन ने उठाया
कर्मचारियों का वेतन सीधे बैंक खातों में जमा करने का दिया सुझाव, प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्राथमिकता के आधार पर मामले को देखने का दिया आश्वासन
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 3 अक्टूबर। चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों और सरकारी संस्थानों में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम की तर्ज पर कर्मचारियों को हर महीने 7 तारीख तक वेतन की मांग ने जोर पकड़ लिया है। सरकारी रेगुलर कर्मचारियों को वेतन 1 तारीख को मिलता है, मगर उन्ही के तहत कार्य करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को कई कई महीनों वेतन नही मिलता है। ठेकेदार भी कई कई महीनों समय पर पूरा वेतन नही देते है। कई विभागों में तो समय पर ईपीएफ व बीमा के पैसे भी समय पर जमा नही होते।
चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों और सरकारी संस्थानों में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने का मुद्दा भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय टंडन ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के समक्ष उठाया। टंडन ने मांग की कि प्रशासन के अधीन कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को प्रत्येक महीने की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि करीब 50 हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी चंडीगढ़ प्रशासन की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके वेतन में देरी से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
संजय टंडन ने प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के दौरान बताया कि चंडीगढ़ के कार्मिक सचिव के कार्यालय की ओर से 17 मार्च, 2021 को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन या मजदूरी का भुगतान किया जाना चाहिए। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
टंडन ने कहा कि जब प्रशासन की ओर से इस संबंध में पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं और वेतन भुगतान के लिए धनराशि भी उपलब्ध है, तो कर्मचारियों को उनकी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासक से अनुरोध किया कि मौजूदा निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करवाया जाए, ताकि सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित रूप से समय पर वेतन मिल सके।
संजय टंडन ने वेतन भुगतान की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव का सुझाव देते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा करने की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ठेकेदारों के माध्यम से भुगतान किए जाने के कारण कई बार कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पाता।
उन्होंने बताया कि वेतन भुगतान में देरी की एक वजह ठेकेदारों से जुड़ी जीएसटी संबंधी औपचारिकताएं और भुगतान प्रक्रिया भी है। ऐसे में प्रशासन को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिसमें कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा सीधे उनके बैंक खातों में जमा हो, जबकि ठेकेदार का कमीशन और लागू जीएसटी अलग से जारी किया जाए।
टंडन ने कहा कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान ठेकेदारों की औपचारिकताओं से प्रभावित नहीं होगा और उन्हें हर महीने निर्धारित समय पर उनकी पूरी मजदूरी मिल सकेगी।

क्रिकेट और हरियाणा कौशल रोजगार निगम का दिया उदाहरण
संजय टंडन ने सीधे बैंक खातों में भुगतान की व्यवस्था को समझाने के लिए क्रिकेट में अपनाई जाने वाली भुगतान प्रणाली का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि क्रिकेट में खिलाड़ियों का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा सकता है, जबकि संबंधित एसोसिएशन अपना बिल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भेजती है।
उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम की व्यवस्था का भी उल्लेख किया, जहां कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित रूप से एकमुश्त वेतन दिए जाने का उदाहरण मौजूद है। टंडन ने कहा कि इसी तरह की व्यवस्था चंडीगढ़ में भी लागू की जा सकती है, जिससे कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि प्रशासक की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। वह जल्द ही प्रशासन को इस विषय पर एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपेंगे। उनके अनुसार, यदि इस व्यवस्था को लागू किया जाता है तो चंडीगढ़ में करीब 50 हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकता है।
टंडन ने कहा कि पीजीआईएमईआर, पंजाब यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर काम करने वाले कर्मचारी अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए मासिक वेतन पर निर्भर हैं। ऐसे में कई सप्ताह या महीनों तक वेतन में देरी होना उनके और उनके परिवारों के लिए परेशानी का कारण बनता है। कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना सुनिश्चित करना जरूरी है।
सफाई कर्मचारियों ने घर पहुंचकर संजय टंडन का जताया आभार
सेक्टर-18 स्थित आवास पर पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी, यूनियन प्रतिनिधियों ने वेतन का मुद्दा उठाने पर किया धन्यवाद
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने के मुद्दे पर संजय टंडन की ओर से प्रशासक के समक्ष मांग उठाए जाने के बाद चंडीगढ़ के सैकड़ों कॉन्ट्रैक्ट सफाई कर्मचारियों ने सेक्टर-18 स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उनका आभार जताया। कर्मचारियों ने कहा कि वेतन में देरी की समस्या लंबे समय से उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई है और इस मुद्दे को प्रशासन के शीर्ष स्तर पर उठाए जाने से उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।
कॉन्ट्रैक्चुअल यूनियन सफाई कर्मचारी चंडीगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने यूनियन के प्रधान राकेश पोहल के नेतृत्व में संजय टंडन से मुलाकात की। इस दौरान यूनियन के सलाहकार सुमित गिन्नी, उपप्रधान पवन अटवाल और रवि आदिवाल तथा महासचिव रविंदर लोट सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यूनियन प्रधान राकेश पोहल ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट सफाई कर्मचारी उनकी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठाने के लिए संजय टंडन के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए समय पर वेतन मिलना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अपने परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसी आय पर निर्भर हैं।
इस अवसर पर संजय टंडन ने कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके भरोसे और सराहना से उन्हें कर्मचारियों के अधिकारों एवं कल्याण के लिए और अधिक प्रयास करने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि वह कर्मचारियों की जायज मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाते रहेंगे और उनके समाधान के लिए प्रयास करेंगे।
टंडन ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों से वेतन में देरी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने इस मामले को चंडीगढ़ प्रशासन के साथ-साथ पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति के समक्ष भी उठाया है।
उन्होंने दोहराया कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को भुगतान प्रक्रिया में जरूरी सुधार करने चाहिए, ताकि कर्मचारियों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार न करना पड़े।












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