October 11, 2026 7:09 am

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मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों के हाथों से 50 लाख से अधिक खातों में ट्रांसफर करवाए 1,634 करोड़ रुपये

‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ से पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों तक सीधे पहुंच रहा सरकारी योजनाओं का लाभ: मुख्यमंत्री

बाबूगिरी न्यूज़

चंडीगढ़, 10 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रत्येक माह की 10 तारीख को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र व्यक्तियों को डीबीटी के माध्यम से लाभ राशि भिजवाने के क्रम में शनिवार को चार लाभार्थियों के हाथों से प्रदेश के 50 लाख 46 हजार 624 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,634 करोड़ 27 लाख रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित करवाई। बटन दबाकर लाभराशि का हस्तांतरण करने वाली तीन महिला लाभार्थियों व एक किसान लाभार्थी ने अपने इस अनुभव को यादगार बताते हुए मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी की कार्यप्रणाली की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की अनवरत राष्ट्र सेवा और इच्छाशक्ति से यह संभव हुआ है कि आज केंद्र सरकार द्वारा भिजवाए गए एक रुपये को डबल इंजन सरकार सवा रुपया करके विकास कार्यों में लगाती है जबकि कांग्रेस राज में ऐसे प्रधानमंत्री भी हुए हैं जो कहते थे कि केंद्र सरकार द्वारा भिजवाए गए एक रुपये में से जमीन तक 15 पैसे ही पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि गरीब, किसान, महिला, युवा, बुजुर्ग तथा जरूरतमंद वर्गों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी और बिना किसी बिचौलिये के सीधे उनके बैंक खातों में मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और परिवार पहचान पत्र आधारित व्यवस्था ने सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता को और मजबूत किया है। सरकार ने ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ को अपनाते हुए पात्र नागरिकों तक योजनाओं का लाभ स्वतः पहुंचाने की व्यवस्था की है।

दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 12वीं किस्त जारी:
मुख्यमंत्री ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 12वीं किस्त जारी करवाते हुए 10 लाख 10 हजार लाभार्थी बहन-बेटियों के बैंक खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की। उन्होंने बताया कि अब तक इस योजना की 12 किस्तों में 2,466 करोड़ 63 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ 17 सितंबर से हो चुका है। सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए परिवार की वार्षिक आय सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख 80 हजार रुपये किया है। दूसरे चरण में 2 लाख 57 हजार 147 बहन-बेटियों ने अपना पंजीकरण करवाया है। इन पंजीकृत लाभार्थियों को नवंबर माह में लाभ राशि का वितरण किया जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को राहत:
मुख्यमंत्री ने विभिन्न 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 13 हजार 295 लाभार्थियों के खातों में 1,131 करोड़ 7 लाख रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित करवाई। इन योजनाओं में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए प्रो-एक्टिव मॉडल अपनाया है। परिवार पहचान पत्र के डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वतः निर्धारित की जाती है और पात्र नागरिकों को बिना कार्यालयों के चक्कर लगाए तथा बिना आवेदन किए घर बैठे ही पेंशन का लाभ मिल रहा है।

हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत महिलाओं को राहत:
हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 5 लाख 14 हजार बहनों के बैंक खातों में अगस्त माह की 20 करोड़ 39 लाख रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है। आज जारी राशि को मिलाकर अब तक 14 लाख 65 हजार पात्र बहनों के खातों में कुल 380 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।

दयालु योजना के तहत 4,222 परिवारों को 158 करोड़ 80 लाख रुपये की आर्थिक सहायता:
मुख्यमंत्री ने दयालु योजना के तहत 4,222 परिवारों को 158 करोड़ 80 लाख रुपये की आर्थिक सहायता बैंकों में भिजवाई। उन्होंने कहा कि आज जारी सहायता राशि को मिलाकर अब तक 92 हजार 220 परिवारों को कुल 3,479 करोड़ 61 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

भावांतर भरपाई योजना से किसानों को राहत:
मुख्यमंत्री ने भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी उत्पादक 3,384 किसानों को 34 करोड़ 79 लाख रुपये की भावांतर राशि जारी करवाई। इसमें आलू की फसल के लिए 3,364 किसानों को 34 करोड़ 76 लाख रुपये तथा फूलगोभी के लिए 20 किसानों को 2 लाख 39 हजार रुपये की राशि शामिल है। आलू की राशि अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और सिरसा तथा फूलगोभी की राशि कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के सब्जी उत्पादक किसानों को जारी की गई है। आज की राशि को मिलाकर अब तक 49 हजार 148 किसानों को 281 करोड़ 74 लाख रुपये की भावांतर भरपाई जारी की जा चुकी है।

2,651 नए राशन डिपो के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ:
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उचित मूल्य की 2,651 नई राशन दुकानों (राशन डिपो) के आवंटन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इच्छुक पात्र आवेदक इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इन नए राशन डिपो में से 33 प्रतिशत राशन डिपो महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इससे प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा पात्र नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

गांवों में शिक्षा और ज्ञान का विस्तार करेगा ‘पुस्तक सेतु पोर्टल’:
मुख्यमंत्री ने गांवों के अटल पुस्तकालयों के लिए ‘पुस्तक सेतु पोर्टल’ का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को गांव में ही बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में अब तक 996 अटल पुस्तकालय खोले जा चुके हैं। इन सभी पुस्तकालयों को पुस्तक सेतु पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक अटल पुस्तकालय में फर्नीचर, पुस्तकों का प्रारंभिक सेट तथा भारतनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है।

सरकार द्वारा जल्द ही 650 और पुस्तकालय खोले जाएंगे, जिनमें से 500 नए पुस्तकालय 25 दिसंबर, 2026 तक स्थापित किए जाएंगे। पुस्तक सेतु पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने गांव के अटल पुस्तकालय को निःशुल्क पुस्तकें दान कर सकेगा।

अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग की चौपालों के लिए 77 करोड़ रुपये:
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग की चौपालों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए 21 जिलों में 1,723 कार्यों हेतु 77 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि जारी की। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी 2,930 कार्यों के लिए 118 करोड़ 47 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस प्रकार अब तक कुल 4,653 कार्यों के लिए 195 करोड़ 53 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

इनमें से 1,555 मांगें फील्ड अधिकारियों के माध्यम से तथा 169 मांगें ग्रामीणों द्वारा सीधे जन संवाद पोर्टल पर उठाई गई थीं। जन संवाद पोर्टल से प्राप्त 169 कार्यों के लिए 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा फील्ड स्तर से प्राप्त 1,555 कार्यों के लिए 68 करोड़ 26 लाख रुपये की राशि शामिल है।

धान खरीद में किसानों के हितों का पूरा ध्यान:
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में 29 सितंबर से 278 मंडियों में धान की खरीद शुरू हो चुकी है, जो आगामी 15 नवंबर तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि कॉमन धान की खरीद 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान की खरीद 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है।
श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि 9 अक्टूबर तक मंडियों में 14.25 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से 8.35 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है तथा 2.18 लाख मीट्रिक टन धान का उठान भी हो चुका है। अब तक 19,155 किसानों को 398 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

जन कल्याण और पारदर्शी व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता:
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ सही समय पर सही व्यक्ति तक पहुंचे। डीबीटी, परिवार पहचान पत्र और प्रो-एक्टिव गवर्नेंस के माध्यम से सरकार ने लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ हरियाणा सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण एवं सम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव केएम पांडुरंग, निदेशक डॉ. आदित्य दहिया तथा अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान भी उपस्थित थे।

म्हारी सड़क एप पर आने वाली शिकायतों का 10 दिन में हो समाधान : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हर जिले में बनेगी मॉडल रोड, गुरुग्राम में 10 आइकोनिक सड़कें होंगी तैयार; निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत के लिए सार्वजनिक होंगे मोबाइल नंबर

चंडीगढ़, 10 अक्तूबर। हरियाणा में सड़कों की मरम्मत से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 10 दिन की समय-सीमा तय की गई है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि म्हारी सड़क एप पर आने वाली शिकायतों पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतें लंबित न रहें और संबंधित अधिकारी समय पर काम पूरा करवाएं। मुख्यमंत्री सचिवालय में म्हारी सड़क एप और विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल का इस्तेमाल किया जाए। पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) सहित सभी विभागों की सड़कें पीडब्ल्यूडी के तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई जाएं। यदि किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी के प्रदर्शन को उसकी एसीआर से जोड़ा जाएगा। बैठक के दौरान पीडब्लयूडी, एचएसएएमबी, पंचायत विभाग, एफएमडीए, जीएमडीए, एसएमडीए, पीएमडीए, एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, यूएलबी से संबंधित सड़कों की समीक्षा हुई। इस दौरान इन विभागों से संबंधित सड़कों की म्हारी सड़क एप पर आई शिकायतों बारे भी चर्चा हुई, जिसमें लापरवाही मिलने वाले मामलों में मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए।

निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत के लिए सार्वजनिक होंगे मोबाइल नंबर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के दौरान काम में अनियमितता या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत के लिए संबंधित विभाग का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाए। इससे लोग निर्माण कार्य के दौरान ही गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। वहीं, सड़क खराब होने या मरम्मत की जरूरत से जुड़ी शिकायतें म्हारी सड़क एप पर दर्ज की जा सकेंगी, जिनका 10 दिन के भीतर समाधान करना होगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सड़क निर्माण स्थल पर ऐसे बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर निर्माण एजेंसी का नाम, सड़क का निर्माण पूरा होने की तारीख, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) यानी दोष दायित्व अवधि और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज हों। इससे लोगों को सड़क निर्माण और उसकी देखभाल से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

हर जिले में मॉडल रोड, गुरुग्राम में बनेंगी 10 आइकोनिक सड़कें

बैठक में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि विभाग हर जिले में एक मॉडल रोड बना रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 18 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सड़कों को आकर्षक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में 10 आइकोनिक सड़कें विकसित की जाएंगी। इन पर स्मार्ट लाइटें, स्ट्रीट फर्नीचर और हरियाली के साथ नो-स्मोकिंग जोन, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा डिस्प्ले पर जागरूकता संदेश जैसी सुविधाएं होंगी।

जीआईएस मैपिंग से शिकायत पहुंचेगी सीधे संबंधित अधिकारी तक

बैठक में बताया गया कि करीब 63,621.53 किलोमीटर सड़कों की जीआईएस मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस व्यवस्था को एसडीओ और जेई स्तर तक जोड़ा गया है, ताकि शिकायत सीधे संबंधित क्षेत्र के अधिकारी तक पहुंचे और कार्रवाई में देरी न हो।

एचएसआईआईडीसी और एचएसवीपी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उनके अधीन क्षेत्रों में सड़कें खराब हालत में न रहें। सेक्टरों की सड़कों पर मार्किंग, पट्टियों और रंग-रोगन सहित सौंदर्यकरण का ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के कारण निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए टेंडर और अन्य प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जाएं।

कॉलोनियों की सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित कॉलोनियों में सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजर की होगी। म्हारी सड़क एप पर शिकायत मिलने पर उससे सड़क की मरम्मत करवाई जाएगी। यदि कॉलोनाइजर मरम्मत नहीं करवाता, तो विभाग अपने स्तर पर काम करवाकर खर्च उससे वसूल करेगा।

पुलों के पास लगेंगे जागरूकता स्लोगन, कीटनाशकों के बेवजह इस्तेमाल पर भी होगा संदेश

प्रदेश के प्रमुख पुलों के आसपास जागरूकता संबंधी स्लोगन लगाने पर भी चर्चा हुई। यहां बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, शिक्षा और अन्य सामाजिक विषयों से जुड़े संदेशों के साथ कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल के खिलाफ भी जागरूकता संदेश लगाए जाएंगे। कीटनाशकों के बेजा इस्तेमाल से जुड़ा यह संदेश इस पहल का खास हिस्सा होगा, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोगों तक भी यह बात पहुंचे।

वर्ष 2026-27 में 7,352.26 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्य मंजूर

बैठक में प्रदेश में विभिन्न विभागों के अधीन कुल 63,621.53 किलोमीटर सड़क की समीक्षा की गई है। वर्ष 2026-27 में 7,352.26 किलोमीटर की 6593 सड़कों के सुधार कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 769.35 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 1,347.14 किलोमीटर पर काम चल रहा है। बाकी काम भी तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

तकनीक से शिकायतों पर कार्रवाई होगी आसान:राजीव यादव

बैठक में इन्फ्रास्ट्रक्चर एडवाइजर राजीव यादव ने कहा कि म्हारी सड़क एप और जीआईएस मैपिंग से सड़क संबंधी शिकायतों को सही अधिकारी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे शिकायतों पर नजर रखना और समय पर कार्रवाई करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान देने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से लोगों को अच्छी सड़कें मिलेंगी। इससे प्रदेश के शहरों और गांवों में आवागमन भी सुविधाजनक होगा।

बैठक के दौरान पीडब्लयू (बी एंड आर) विभाग के अतिरिक्त सचिव एके सिंह, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त सचिव अनुराग अग्रवाल, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त सचिव विज्येंद्रा कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ यशपाल सिंह सहित विभिन्न अधिकारीगण मौजूद थे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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