एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट की कार्रवाई, मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
पंचकूला, 12 जनवरी 2026: विदेश भेजने के नाम पर भोले-भाले लोगों से ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ पंचकूला पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। न्यूजीलैंड वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर 15 लाख रुपये की ठगी के मामले में एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने चंडीगढ़ में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। यह इस केस में चौथी गिरफ्तारी है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजीव कुमार, मूल निवासी अंबाला के रूप में हुई है, जो वर्तमान में चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित सरकारी आवास में रह रहा था। आरोपी चंडीगढ़ के एक सरकारी विभाग में ग्रुप-डी कर्मचारी के पद पर तैनात था और विदेश भेजने के नाम पर कमीशन लेकर इस ठगी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। आरोपी को 11 जनवरी को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिसके दौरान उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
क्या था पूरा मामला
पंचकूला निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दी थी कि वर्ष 2024 के मई और जून माह में उसके बेटे को न्यूजीलैंड भेजने का झांसा देकर आरोपियों ने उससे 15 लाख रुपये ठग लिए। लंबे समय तक झूठे वादों और फर्जी आश्वासनों के जरिए उसे गुमराह किया गया। जब तय समय पर विदेश नहीं भेजा गया और पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी आनाकानी करने लगे।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि शिकायत के आधार पर 27 मई 2025 को भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 120-बी, 201 तथा इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट को सौंपी गई।
अब तक की कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस ने 10 सितंबर को पहले आरोपी नीरज पुत्र रघुबीर, निवासी जिला अंबाला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी की राशि शैलेंद्र नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई थी।
इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शैलेंद्र कुमार उर्फ शैल, पुत्र राम बहादुर, निवासी कानपुर (उत्तर प्रदेश) को 9 दिसंबर को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि शैलेंद्र पिछले पांच वर्षों से नोएडा में बिना लाइसेंस “द मैन पावर” नामक फर्म चलाकर विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था।
पश्चिम बंगाल से तीसरी गिरफ्तारी
आगे की जांच में ठगी की रकम सद्दाम हुसैन अंसारी के खाते में ट्रांसफर होने का पता चला। पुलिस ने पश्चिम बंगाल से आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 5 लाख रुपये नकद बरामद किए।
चौथा आरोपी सरकारी कर्मचारी
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने गिरोह के चौथे सदस्य राजीव कुमार को गिरफ्तार किया, जो सरकारी कर्मचारी होते हुए भी इस ठगी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस के अनुसार, मामले में एक और आरोपी की संलिप्तता सामने आई है, जिसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट के इंचार्ज इंस्पेक्टर योगविंद्र सिंह, जांच अधिकारी जगपाल सिंह, एएसआई दीपक कुमार, महिला सिपाही पूनम और साइबर सेल टीम की सराहनीय भूमिका रही।
आम जनता से अपील
पंचकूला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी अनधिकृत एजेंट या फर्जी फर्म के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
एडीजीपी शिवास कविराज (पुलिस आयुक्त पंचकूला एवं अध्यक्ष – अवैध प्रवास मामले, हरियाणा) ने कहा कि विदेश अवसरों के नाम पर युवाओं को ठगने वाले नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।













Total Users : 323565
Total views : 540284