October 11, 2026 8:17 am

October 11, 2026 8:17 am

भू-राजनीतिक तनाव से शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, शुरुआती तेजी के बाद सेंसेक्स-निफ्टी फिसले

मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिली। वैश्विक संकेत सकारात्मक रहने के बावजूद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की दिशा बदल दी। शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद बाजार में बिकवाली हावी हो गई।

 

शुरुआती कारोबार में दिखी तेजी

कारोबार की शुरुआत में बाजार ने मजबूती दिखाई। BSE Sensex 323.82 अंक (0.42%) चढ़कर 75,826.68 पर खुला। वहीं NSE Nifty 50 85 अंक (0.36%) की बढ़त के साथ 23,493.20 पर पहुंच गया।

 

तेजी नहीं टिक सकी, बाजार में आई गिरावट

हालांकि शुरुआती तेजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। कुछ ही मिनटों में बिकवाली बढ़ने लगी। सेंसेक्स 75,422.73 तक गिर गया, जबकि निफ्टी 23,389.15 के स्तर पर आ गया। इससे साफ है कि निवेशकों में अभी भी सतर्कता बनी हुई है।

 

आईटी और बैंकिंग सेक्टर में दबाव

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो Nifty IT Index में करीब 0.83% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी लाल निशान में रहे।

दूसरी ओर, मीडिया, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में हल्की खरीदारी देखने को मिली।

 

वैश्विक तनाव ने बढ़ाई चिंता

विशेषज्ञों के अनुसार Russia-Ukraine War के बाद अब Israel-Iran Conflict ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और सतर्क रुख अपना रहे हैं।

 

विशेषज्ञों की सलाह

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,500–23,600 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि NSE Nifty 50 इस स्तर के ऊपर टिकता है तो आगे तेजी संभव है। वहीं गिरावट की स्थिति में 23,250–23,300 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

 

कच्चे तेल की कीमत बनी बड़ी चिंता

Brent Crude Oil 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिससे भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा है।

 

एशियाई बाजार मजबूत, भारत सतर्क

जहां जापान का Nikkei 225 और हांगकांग का Hang Seng Index करीब 3% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं, वहीं भारतीय बाजार दबाव में दिख रहा है।

 

‘वेट एंड वॉच’ मोड में निवेशक

फिलहाल बाजार ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है। निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इन्हीं कारकों से बाजार की दिशा तय होगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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