September 22, 2026 11:31 am

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PANCHKULA NEWS: ‘अभेद्य’ ऐप के साथ ‘ड्यूल ओटीपी सिस्टम’ की शुरुआत: ‘अभेद्य’ ऐप से साइबर अपराध, एक्सटॉर्शन कॉल्स और डिजिटल धमकियों पर होगा कड़ा प्रहार

ड्यूल ओटीपी सिस्टम से बिना दोहरी मंजूरी नही होगा कोई ट्रांजेक्शन, सुरक्षा कवच की तरह करेगा काम

बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला/ 28 अप्रैल:- हरियाणा पुलिस द्वारा साइबर अपराध, धमकी भरे कॉल्स और रंगदारी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। यह देश में अपनी तरह का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, धमकी भरे संदेशों, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाने में सक्षम होगा। इस पहल के साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहाँ पर इस प्रकार की अनूठी पहल की गई है।

एक्सटॉर्शन कॉल्स पर सख्त प्रहार
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने प्रेस वार्ता के दौरान ऐप के बारे में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि बदलते समय में अपराधी इंटरनेट आधारित कॉलिंग, फर्जी नंबरों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को डराने और ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में यह ऐप नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा।
उन्होंने बताया कि देश के भीतर से आने वाली कॉल्स को ट्रेस करना अपेक्षाकृत सरल होता है, जबकि विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स एक बड़ी तकनीकी चुनौती पेश करती हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने सशक्त समाधान विकसित किया और अभेद्य एप के सफल परीक्षण के बाद गत दिनों इसे लॉन्च किया गया है।
डीसीपी ने बताया कि यह ऐप एंड्रॉयड एवं एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को पुलिस उपायुक्त कार्यालय, एसीपी कार्यालय, साइबर सेल शाखा, नजदीकी थाना व चौकी को सूचित करना होगा, जिसके उपरांत उसे अधिकृत एक्सेस प्रदान किया जाएगा।

ऐप की कार्यप्रणाली
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने आगे बताया कि ‘अभेद्य’ ऐप अज्ञात और संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स और संदेशों की पहचान कर उन्हें उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले ही रोक देता है। यह विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की निगरानी करता है तथा संदिग्ध पाए जाने पर कॉल को स्वतः रिजेक्ट कर नंबर को ब्लॉक कर देता है। यह ऐप संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज, नोटिफिकेशन और वॉयस नोट को भी डिवाइस से हटा देता है, जिससे उपयोगकर्ता किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव या भय से सुरक्षित रह सके। इतना ही नहीं, विदेशो से आने वाली संदिग्ध कॉल्स पर भी नजर जाएगी। इससे एक तरफ उपयोगकर्ता मानसिक दबाव से दूर रहेगा वही दूसरी तरफ संदिग्ध कॉल करने वाले व्यक्ति को हरियाणा पुलिस द्वारा बैकहैंड से ट्रेस किया जाएगा।

नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
यह ऐप नागरिकों को धमकी भरे कॉल्स, रंगदारी के प्रयासों और साइबर अपराध से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गुमनाम संचार माध्यमों पर रोक लगेगी और उनकी पहचान एवं ट्रैकिंग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अधिक आसान हो सकेगी।

ड्यूल ओटीपी सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा “ड्यूल ओटीपी सिस्टम” लागू किया गया है। इस पहल के तहत एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया गया है और प्रारंभिक चरण में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों को इसमें शामिल किया गया है जो कि बैंक में जाकर इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते है। इस व्यवस्था के अंतर्गत किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए आने वाला ओटीपी मूल खाताधारक के साथ-साथ उनके परिजन—जैसे बेटे, बेटी या अन्य विश्वसनीय सदस्य—के पास भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के पश्चात ही ट्रांजेक्शन को स्वीकृति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, खाताधारकों के बैंक लेन-देन की सीमा (ट्रांजेक्शन लिमिट) भी निर्धारित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इस अभिनव व्यवस्था के लागू होने से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

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