9 मोबाइल फोन, 10 चैकबूक व 10 एटीएम कार्ड बरामद
इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर करते थे फोन, इंश्योरेंस की अंतिम किश्त और टैक्स के नाम पर रकम करवाते थे ट्रांसफर
पंचकूला पुलिस ने रेड कर 4 आरोपी दिल्ली से काबू किए, 3 आरोपियों को सुनारिया जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया
रमेश गोयत
पंचकूला/ 02 मई :- पंचकूला पुलिस के साइबर क्राइम थाना टीम ने एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस गिरोह ने इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठगने का सुनियोजित नेटवर्क खड़ा कर रखा था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद को नामी इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी बताकर पीड़ितों को फोन किया और उनकी पॉलिसी से संबंधित सटीक जानकारी देकर भरोसा जीता। इसके बाद अंतिम किश्त और टैक्स जमा कराने के नाम पर उनसे मोटी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली जाती थी।
इस मामले में कालका निवासी व्यक्ति से 1,97,500 रुपये की ठगी की गई थी। आरोपियों ने पहले 98 हजार रुपये फाइनल किश्त के नाम पर और बाद में 99,500 रुपये टैक्स के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवा लिए। जब पीड़ित को शक हुआ तो उसने चंडीगढ़ स्थित संबंधित कंपनी के कार्यालय में संपर्क किया, जहां पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना में 9 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: जांच के दौरान हमारी साइबर क्राइम टीम ने प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में तकनीकी जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क को ट्रेस किया। इस दौरान हमें पता चला कि गिरोह दिल्ली से संचालित हो रहा था। आरोपी फर्जी सिम कार्ड, किराए के बैंक खाते और कॉल सेंटर के माध्यम से फ्रॉड को अंजाम देते थे।
जांच अधिकारी अभिषेक छिल्लर द्वारा टीम की मदद से रेड कर 27 अप्रैल को दिल्ली से अमनदीप सिंह उर्फ अमन, गुरदीप सिंह, आशीचन्द्र गुप्ता और तनजीर अंसारी को काबू किया। चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई, जिसके दौरान गिरोह से जुड़े तीन अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई।
जांच में खुलासा हुआ कि ये तीनों आरोपी पहले से ही रोहतक की सुनारिया जेल में किसी अन्य मामले में बंद थे। जिसमें एजाज हैदर, कर्तव्यपूरी और सूरज को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की।
आरोपी एजाज हैदर मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, जबकि तनजीर अंसारी बिहार का निवासी है। अन्य आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं और सभी मिलकर दिल्ली में एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे।
मामले में कार्रवाई करते हुए पहले गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य तीनों आरोपियों को सुनारिया जेल, रोहतक भेज दिया गया है। आमजन से अपील है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज के झांसे में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसे साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर पोर्टल या पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

पंचकूला पुलिस कमिश्नर व एडीजीपी साइबर, शिवास कविराज ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि साइबर ठग अब सुनियोजित तरीके से लोगों की निजी जानकारी का दुरुपयोग कर रहे हैं, लेकिन पंचकूला पुलिस ऐसे हर गिरोह को ट्रैक कर उनके नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी आरोपी को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा।
साथ ही कहा कि जो अपराधी आम जनता की मेहनत की कमाई पर हाथ डालते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हम लगातार तकनीकी संसाधनों और इंटेलिजेंस के माध्यम से ऐसे नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। आमजन से आग्रह है कि किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले सत्यापन जरूर करें थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।












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