अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध के खिलाफ हरियाणा पुलिस की ऐतिहासिक सफलता
चंडीगढ़, 7 जनवरी। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संगठित अपराध के खिलाफ एक और निर्णायक वार करते हुए कुख्यात गैंगस्टर अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल को संयुक्त राज्य अमेरिका से निर्वासित कर भारत वापस लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई न केवल हरियाणा पुलिस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पकड़ को दर्शाती है, बल्कि अपराधियों के लिए यह स्पष्ट संदेश भी है कि कानून से भागना अब नामुमकिन है।
यह वर्ष 2025 में STF द्वारा किया गया छठा सफल निर्वासन है, जबकि अमेरिका से किया गया यह दूसरा बड़ा ऑपरेशन है। इस उपलब्धि ने हरियाणा पुलिस की अपराध-रोधी नीति और वैश्विक समन्वय क्षमता को नई मजबूती दी है।
डीजीपी अजय सिंघल की कड़ी चेतावनी: अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं
इस बड़ी सफलता पर डीजीपी हरियाणा अजय सिंघल ने अपराधियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।
उन्होंने कहा,
“जो अपराधी यह सोचते हैं कि देश से बाहर जाकर या फर्जी पहचान बनाकर कानून से बच जाएंगे, वे भ्रम में हैं। हरियाणा पुलिस की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। चाहे अपराधी देश में हो या विदेश में—कानून के दायरे में जरूर लाया जाएगा।”
डीजीपी का यह बयान संगठित अपराध के खिलाफ आने वाले समय में और भी सख्त कार्रवाई के संकेत देता है।
लंबे समय से सक्रिय अपराधी, फैला था हरियाणा-दिल्ली NCR में नेटवर्क
अमन भैंसवाल हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से फायरिंग, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में सक्रिय था। वह अपना अलग गैंग संचालित करता था, जिसका नेटवर्क सोनीपत, रोहतक, झज्जर से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ था।
उसके खिलाफ हरियाणा और दिल्ली में कुल 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। घोषित अपराधी होने के बावजूद वह फर्जी पहचान के सहारे विदेश भाग गया था, लेकिन STF की निरंतर निगरानी और रणनीतिक कार्रवाई के चलते उसकी हर कोशिश नाकाम रही।
फर्जी पासपोर्ट से विदेश भागने की साजिश बेनकाब
जांच में सामने आया कि अमन भैंसवाल ने पूर्वी दिल्ली के पते पर फर्जी पहचान बनाकर अवैध रूप से पासपोर्ट हासिल किया।
इसी पासपोर्ट के जरिए वह 20 जून 2024 को कुवैत गया और बाद में अमेरिका पहुंचा।
इस धोखाधड़ी के मामले में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम के तहत गोहाना में केस दर्ज किया गया।
STF ने उसके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया और उसे घोषित अपराधी घोषित किया।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय समन्वय
अमन भैंसवाल का अमेरिका से निर्वासन STF हरियाणा की उस आधुनिक रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत विदेशों में छिपे भगोड़ों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
यह कार्रवाई इंटरपोल, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों, भारतीय केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच मजबूत समन्वय, तकनीकी दक्षता और त्वरित सूचना-साझाकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
STF की प्रतिबद्धता: अपराधी कहीं भी हों, बच नहीं सकते
अमन भैंसवाल का निर्वासन इस बात का प्रमाण है कि STF हरियाणा संगठित अपराध और भगोड़ों के खिलाफ पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है।
डीजीपी अजय सिंघल ने दोहराया कि भविष्य में भी STF इसी आक्रामक नीति के तहत अपराधी नेटवर्क को ध्वस्त करती रहेगी और राज्य में कानून-व्यवस्था तथा जन-सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।













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