बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 22 जून। चंडीगढ़ स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं, ऋण प्रक्रिया में गड़बड़ी, धन के दुरुपयोग और मिलीभगत के आरोपों को लेकर जांच की मांग अब तेज हो गई है। मामले में बैंक के प्रबंध निदेशक की ओर से सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, यूटी चंडीगढ़ को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से करवाने का अनुरोध किया गया है।
मामला उस समय सामने आया जब शिकायतकर्ता नवजोत लेहल द्वारा 12 सितंबर 2025 और 15 सितंबर 2025 को दी गई शिकायतों में बैंक में कथित तौर पर 2.10 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया। शिकायत में बैंक अधिकारियों, पूर्व पदाधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
ऋण मामलों में रिकॉर्ड और प्रक्रिया पर उठे सवाल
दस्तावेजों के अनुसार प्रारंभिक जांच में कई गंभीर बिंदु सामने आने का दावा किया गया है। इनमें वर्ष 2014 में स्वीकृत कुछ ऋण खातों की मूल फाइलें उपलब्ध नहीं करवाना, ऋण बंद होने की तारीखों और ब्याज गणना में अंतर, दस्तावेजी प्रक्रिया में कमी तथा नियमों के पालन को लेकर सवाल शामिल हैं।
जांच में 60 लाख रुपये, 7.50 लाख रुपये और 15 लाख रुपये के ऋण मामलों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि संबंधित ऋण फाइलों का मूल रिकॉर्ड मांगे जाने के बावजूद उपलब्ध नहीं करवाया गया। इससे ऋण स्वीकृति प्रक्रिया, भुगतान और खाते के संचालन को लेकर संदेह पैदा होने की बात कही गई है।
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पूर्व चेयरमैन के खाते में ऋण राशि जमा होने का आरोप
दस्तावेज में 15 लाख रुपये के एक ऋण मामले का भी उल्लेख है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ऋण राशि तत्कालीन बैंक चेयरमैन के व्यक्तिगत खाते में जमा हुई। शिकायत में इस मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
इसके अलावा बैंक कर्मचारियों और एक हाउसिंग सोसायटी से जुड़े लोगों के बीच संभावित संबंधों, केवाईसी नियमों के पालन, दस्तावेजों की सत्यता और ऋण वितरण प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

विजिलेंस जांच में भी बढ़ी सक्रियता
चंडीगढ़ प्रशासन के विजिलेंस विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई है। यूटी चंडीगढ़ विजिलेंस सेल के एसपी को शिकायत पर कार्रवाई करते हुए समयबद्ध तरीके से जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
विजिलेंस विभाग के अनुसार शिकायतकर्ता नवजोत लेहल द्वारा 8 मई 2026 को दी गई शिकायत में चंडीगढ़ स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पूर्व चेयरमैन कमल कांत शर्मा, कुछ बैंक अधिकारियों और सहकारिता विभाग के एक अधिकारी पर कथित मिलीभगत, वित्तीय अनियमितताओं, धन के दुरुपयोग और मामले को दबाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता को जांच में शामिल होने का नोटिस
पुलिस स्टेशन विजिलेंस, सेक्टर-9डी चंडीगढ़ की ओर से शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जांच अधिकारी के समक्ष आवश्यक रिकॉर्ड और दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक धन की सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग
शिकायत में कथित रूप से हुए आर्थिक नुकसान की रिकवरी, दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पूरे मामले की आपराधिक जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही वास्तविक तथ्यों और जिम्मेदार व्यक्तियों का पता चल सकेगा।
फिलहाल यह पूरा मामला आरोपों और जांच के स्तर पर है। बैंक प्रबंधन, संबंधित अधिकारियों और अन्य पक्षों का आधिकारिक जवाब सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।














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