August 27, 2026 4:37 am

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खाली पदों और ठेका व्यवस्था से आरक्षण के अवसरों पर हो रहा प्रहार : कुमारी सैलजा

कहा – आरक्षण केवल कानून का प्रावधान नहीं, सरकारी व्यवस्था में भागीदारी और सामाजिक न्याय की संवैधानिक गारंटी हो
केंद्र में लाखों पद रिक्त रखना और स्थायी रोजगार की जगह ठेका प्रथा बढ़ाना वंचित वर्गों के युवाओं के अधिकारों को कर रहा कमजोर
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
सिरसा, 25 अगस्त। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने केंद्र की भाजपा सरकार की रोजगार नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरक्षण केवल कानून की किताब में लिखा हुआ प्रावधान नहीं है, बल्कि सरकारी व्यवस्था में एस सी, एसटी, ओबीसीऔर ईडब्ल्यूएस सहित वंचित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सामाजिक न्याय प्रदान करने की संवैधानिक गारंटी है। लेकिन जब सरकार लाखों स्वीकृत पदों को वर्षों तक खाली रखेगी और स्थायी नौकरियों के स्थान पर ठेका एवं आउटसोर्स व्यवस्था को बढ़ावा देगी तो आरक्षण का वास्तविक लाभ पात्र युवाओं तक कैसे पहुंचेगा?
कुमारी सैलजा ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में रिक्त पदों की संख्या वर्ष 2015 के लगभग 4.21 लाख से बढ़कर वर्ष 2024 में 8.24 लाख से अधिक हो गई। रेलवे, रक्षा और गृह मंत्रालय सहित अनेक महत्वपूर्ण विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं। सवाल यह है कि जब भर्ती ही नहीं होगी तो आरक्षण का लाभ किसे मिलेगा? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि लाखों पदों को भरने में इतनी देरी क्यों हो रही है और युवाओं को स्थायी सरकारी रोजगार के अवसरों से क्यों वंचित रखा जा रहा है।

सांसद ने कहा कि दूसरी गंभीर चिंता सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी व्यवस्थाओं में स्थायी रोजगार कम करके ठेका, आउटसोर्सिंग और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं का विस्तार है। जिन नियमित पदों पर संवैधानिक आरक्षण लागू होता है, यदि उन्हीं पदों को खाली रखा जाए, समाप्त किया जाए अथवा काम को ठेके पर दे दिया जाए तो आरक्षण संविधान में तो मौजूद रहेगा, लेकिन रोजगार में उसकी वास्तविक हिस्सेदारी लगातार घटती जाएगी। इसका सबसे अधिक नुकसान उन युवाओं को होगा जिनके सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था की गई थी।
कुमारी सैलजा ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की सामाजिक न्याय की भावना को कमजोर नहीं होने दिया जा सकता। केंद्र सरकार सभी रिक्त स्वीकृत पदों को समयबद्ध तरीके से भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाए, नियमित रोजगार के अवसर बढ़ाए और यह सुनिश्चित करे कि ठेका व्यवस्था के विस्तार की आड़ में एससी, एस टी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस रुपए वर्गों के संवैधानिक प्रतिनिधित्व एवं अधिकारों पर कोई आंच न आए। कांग्रेस सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान से मिले प्रतिनिधित्व के अधिकार की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से आवाज उठाती रहेगी।
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रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए रेल मंत्री को कुमारी सैलजा ने लिखा पत्र
सुचान कोटली व डिंग मंडी में ट्रेनों के ठहराव सहित नरवाना स्टेशन के विकास की उठाई मांग
सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने सिरसा लोकसभा क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त रेलगाड़ियों के ठहराव, बेहतर कनेक्टिविटी और स्टेशनों पर आवश्यक यात्री सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, मरीजों, आम यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुमारी सैलजा ने रेल मंत्री से सुचान कोटली रेलवे स्टेशन पर जयपुर-बठिंडा एक्सप्रेस तथा दिल्ली (तिलक ब्रिज)-सिरसा एक्सप्रेस के ठहराव, मेरठ सिटी-गाजियाबाद मेमू का नरवाना तक विस्तार तथा नरवाना रेलवे स्टेशन पर विभिन्न महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों के ठहराव की मांग की। इसके साथ ही नरवाना स्टेशन पर वाशिंग लाइन, वाटर हाइड्रेंट, कोच वाशिंग प्वाइंट, स्टेबलिंग लाइन, प्लेटफॉर्म विस्तार, नए प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर एवं अन्य आवश्यक यात्री सुविधाओं के विकास का आग्रह किया है।
सांसद ने कालका-लालगढ़ रेलगाड़ी को अंबाला, पटियाला, बठिंडा, मंडी डबवाली, हनुमानगढ़ और सूरतगढ़ होते हुए जैसलमेर तक विस्तारित करने तथा डिंग मंडी रेलवे स्टेशन पर सिरसा-कोटा-सिरसा एक्सप्रेस के दोनों दिशाओं में ठहराव की मांग भी रखी। कुमारी सैलजा ने कहा कि ये मांगें क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही जनहित की आवश्यकताओं से जुड़ी हैं। इनके पूरा होने से सिरसा लोकसभा क्षेत्र सहित आसपास के लाखों यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक रेल संपर्क मिलेगा। उन्होंने रेल मंत्रालय से सभी प्रस्तावों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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