September 16, 2026 2:58 am

September 16, 2026 2:58 am

किशाऊ परियोजना पर समझौता हरियाणा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

कहा: यमुना में पानी बढ़ने का हरियाणा को मिलेगा सीधा लाभ
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सक्रिय प्रयासों से वर्षों से लंबित इस विषय पर राज्यों के बीच सहमति बनी*
 
दिल्ली में छह राज्यों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होना वर्षों से लंबित इस परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री

बाबूगिरी हिंदी न्यूज़

चंडीगढ़,15 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के लिए ऐतिहासिक है। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होना वर्षों से लंबित इस परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित संबंधित राज्यों के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि छह राज्यों की इस महत्वपूर्ण बैठक में अहम निर्णय लिए गए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सक्रिय प्रयासों से वर्षों से लंबित इस विषय पर राज्यों के बीच सहमति बनाने का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का भी धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने लगातार राज्यों तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए किशाऊ परियोजना को गति देने का काम किया है। पाटिल की अध्यक्षता में छह राज्यों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

यमुना में पानी बढ़ने का हरियाणा को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना में हरियाणा के पानी का हिस्सा 48 प्रतिशत है। ऐसे में यमुना में पानी की उपलब्धता बढ़ने से हरियाणा को इसका सीधा लाभ मिलेगा। किशाऊ परियोजना के साथ-साथ रेणुका जी और लखवार परियोजनाएं भी हरियाणा के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन दोनों परियोजनाओं पर पहले से ही निर्माण कार्य चल रहा है और अब जल्द ही किशाऊ परियोजना पर भी काम शुरू होने की उम्मीद है।

तीनों परियोजनाओं से बढ़ेगी पानी की उपलब्धता

नायब सिंह सैनी ने बताया कि रेणुका जी, लखवार और किशाऊ इन तीनों परियोजनाओं से हरियाणा के पानी का शेयर लगभग 1143 एमसीएम होगा। इन तीनों परियोजनाओं से कुल 2676 क्यूसेक पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसमें से 1280 क्यूसेक पानी हरियाणा के हिस्से में होगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पानी किसी भी प्रदेश के विकास की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। बढ़ती आबादी और विकास के साथ आने वाले समय में पानी की जरूरत भी बढ़ेगी। ऐसे में इन परियोजनाओं से बढ़ने वाली पानी की उपलब्धता हरियाणा की वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर अब राज्यों के बीच सहमति बनने से  क्रियान्वयन का रास्ता साफ हुआ है। पानी और बिजली के बंटवारे सहित परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बनना सभी संबंधित राज्यों के लिए सकारात्मक कदम है।उन्होंने

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और राज्यों के आपसी सहयोग से इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किशाऊ परियोजना पर जल्द काम शुरू होगा और इसका लाभ आने वाले समय में हरियाणा को भी मिलेगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने किशाऊ परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए

यह समझौता मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” और टीम भारत के मूल मंत्र का उत्तम उदाहरण

किशाऊ परियोजना समझौता दिल्ली और यमुना दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा, इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा

चंडीगढ़,15 सितंबर।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किशाऊ परियोजना समझौता पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की सचिव और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव भी उपस्थित थे।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज हम एक ऐतिहासिक समझौते के साक्षी बने हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यह घटना इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन जाएगी। उन्होंने कहा कि आज हुए समझौते से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली किसी-न-किसी रूप में लाभान्वित होंगे। श्री शाह ने कहा कि इसमें सबसे अच्छी बात है कि छह राज्यों ने अपनी सहमति दी और समझौते पर हस्ताक्षर किए। गृह मंत्री ने परियोजना को इस अंजाम तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए छहों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और यमुना बेसिन के इन छह राज्यों के मुख्यमंत्री इस परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने के लिए कटिबद्ध हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, आज यह दसवाँ जल विवाद समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में बीते पचास वर्षों से चले आ रहे गंभीर विवादों को समाप्त करने का अभियान चला है । उन्होंने कहा कि सबसे पहले अगस्त 2018 में लखवार बहुउद्देशीय परियोजना का विवाद समाप्त हुआ। उसी महीने शाहपुर कंडी बांध परियोजना का विवाद सुलझा। वर्ष 2019 में ऊपरी यमुना बेसिन की रेणुकाजी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का विवाद समाप्त हुआ। वर्ष 2021 में केन-बेतवा लिंक परियोजना पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच समझौता हुआ, जिससे बुंदेलखंड जैसे जल-संकटग्रस्त क्षेत्र को लाभ मिला। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल रिवर लिंक योजना वर्ष 2024 में आगे बढ़ी। हथिनीकुंड से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से यमुना तक जल अंतरण की योजना फरवरी 2024 में स्वीकृत हुई। नर्मदा परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का विवाद जुलाई 2026 में पूर्ण हुआ। सोन बेसिन में बिहार और झारखंड के बीच जल बंटवारे का विवाद अगस्त 2026 में सुलझा, और आज अंततः किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर सहमति बनी।

अमित शाह ने कहा कि 2018 से 2026 तक का कालखंड मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश तक लगभग सभी जल विवादों को समाप्त करने के कालखंड के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में इनकी नींव रखी गई और इन समझौतों को जल शक्ति मंत्रालय ने कुशलतापूर्वक आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि श्री सी. आर. पाटिल ने जल शक्ति मंत्री बनने के बाद लंबे समय से लंबित विवादों को सुलझाने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली है। उन्होंने हर स्तर पर पहल की और जहाँ जिसकी मदद की आवश्यकता पड़ी, चाहे अंतर-राज्य परिषद को सक्रिय करना हो, चाहे गृह मंत्रालय को साथ लेना हो, इस कार्य को अंजाम तक पहुँचाया।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किशाऊ परियोजना की बात करें तो 12 मई 1994 को एक समझौता हुआ था कि बेसिन में आने वाली प्रत्येक भंडारण परियोजना के लिए अलग-अलग समझौते किए जाएँगे। यदि वह व्यवस्था न होती, तो यह संभव नहीं होता। फिर 2019 में लखवार और रेणुकाजी परियोजनाओं के विवाद समाप्त होने के बाद किशाऊ का कार्य आगे बढ़ा। बीते 16 जून को इस पर औपचारिक सहमति बनी। जल शक्ति मंत्रालय ने इसे आगे बढ़ाया और सभी राज्यों की सहमति के बाद, तकनीकी एवं आर्थिक पक्षों पर विचार करते हुए तथा सभी राज्यों के हितों की चिंता करते हुए, इसे समाधान तक पहुँचाया गया।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने किशाऊ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है। इसका लगभग 90 प्रतिशत वित्तीय भार भारत सरकार वहन करेगी और शेष 10 प्रतिशत राशि 1994 के समझौते के अनुसार भागीदार राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार की कुछ कठिनाइयाँ थीं। भारत सरकार की ओर से हमने उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी माँगों को भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत समाहित करने का प्रयास किया जाएगा और आगे उत्तराखंड पर आने वाले वित्तीय भार के वहन में भी हम उनकी मदद करेंगे।

अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहने वाली टोंस नदी पर 232.6 मीटर ऊँचा कंक्रीट ग्रेविटी डैम बनेगा, जहाँ 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण होगा। इससे 97 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 1,476 मिलियन यूनिट स्वच्छ जलविद्युत भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़ा लाभ दिल्ली को होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि जब यमुना के जल का बंटवारा हुआ, तब नीति-निर्धारकों की ओर से एक गंभीर चूक हुई। यमुना के पर्यावरणीय प्रवाह की गणना ही नहीं की गई और जितना जल उपलब्ध था, वह सब राज्यों के बीच बाँट दिया गया। नदी के लिए जल छोड़ा ही नहीं गया। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना समझौते से 25 प्रतिशत जल आएगा, वह दिल्ली और यमुना दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इससे पर्यावरण संरक्षण भी होगा।

अमित शाह ने कहा कि जब से रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी हैं, मोदी जी के नेतृत्व में यमुना के शुद्धिकरण के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। यमुना जब स्वच्छ होती है, तो गंगा भी स्वच्छ होती है; क्योंकि अंततः यमुना प्रयागराज में गंगा में ही समाहित होती है। उन्होंने कहा कि जब तक यमुना की स्वच्छता का स्वप्न पूरा नहीं होता, गंगा की स्वच्छता का स्वप्न भी अधूरा रहेगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री और सभी संबंधित लोग पूर्ण सहयोग एवं मनोयोग के साथ यमुना को स्वच्छ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की सफलता मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” और टीम भारत के मूल मंत्र का उत्तम उदाहरण है। यह भारत की उस परिकल्पना को भी दर्शाती है, जिसमें सभी साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी पक्षों ने जिस प्रकार इस समझौते में एक मन से और एक दिशा में कार्य किया है, उसी प्रकार इस परियोजना को पूर्ण करने में भी सभी राज्य एक दिशा में कार्य करेंगे। इससे हम यमुना को शीघ्र स्वच्छ कर सकेंगे और करोड़ों लोगों को पेयजल, कृषि जल, विकास एवं औद्योगिक उपयोग के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा।

एनसीआर में 775 एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे, पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में होंगे स्थापित : परिवहन मंत्री अनिल विज

एएनपीआर कैमरों की स्थापना पर खर्च होंगे 41 करोड़ 74 लाख रुपये, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की पहचान और पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल पंपों पर लगाए जाएंगे कैमरे : अनिल विज

चण्डीगढ़, 15 सितंबर- हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में परिवहन विभाग द्वारा ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे। योजना के प्रथम चरण में एनसीआर के प्रमुख जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में कुल 775 एएनपीआर कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 41 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। इस संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंजूरी प्रदान कर दी है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों (End-of-Life Vehicles—ELVs) की पहचान तथा पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए इन जिलों के एनसीआर क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से ऐसे पुराने वाहनों की प्रभावी पहचान की जा सकेगी और निर्धारित पर्यावरणीय प्रावधानों को लागू करने में मदद मिलेगी।

गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 और फरीदाबाद में 116 कैमरे होंगे स्थापित

परिवहन मंत्री ने बताया कि गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 तथा फरीदाबाद में 116 एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। इस प्रकार इन चार जिलों में कुल 775 कैमरे स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्य वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Commission for Air Quality Management—CAQM) द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल लगभग 2,780 एएनपीआर कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है। इनमें से प्रथम चरण में एनसीआर के इन चार प्रमुख जिलों में 775 कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं।

30 सितंबर तक कैमरे लगाने का लक्ष्य, 1 अक्टूबर से पुराने वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं

विज ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के अनुसार एएनपीआर कैमरों की स्थापना का कार्य 30 सितंबर, 2026 तक पूरा किया जाना है। इसके पश्चात 1 अक्टूबर, 2026 से हरियाणा में पंजीकृत जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं की जानी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निर्धारित समय-सीमा में कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, ताकि CAQM के निर्देशों की प्रभावी अनुपालना की जा सके।

एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मिलेगी मजबूती

परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य एएनपीआर तकनीक के माध्यम से जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की पहचान को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है। एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए CAQM द्वारा जारी निर्देशों की अनुपालना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एएनपीआर कैमरों के माध्यम से पुराने वाहनों की पहचान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सकेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रावधानों के क्रियान्वयन और एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

एमडीयू में एमबीए की रिक्त सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

चंडीगढ़ , 15 सितंबर -महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में एमबीए पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च की ओर से संचालित एमबीए (एसएफएस) में 3 और एमबीए (बिजनेस साइकोलॉजी) में 24 सीटें रिक्त हैं।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इन रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 से 17 सितंबर तक चलेगी। आवेदनों के आधार पर मेरिट सूची 18 सितंबर को जारी की जाएगी। इसके बाद अंतिम चरण की काउंसलिंग 21 सितंबर को आयोजित होगी। अंतिम चरण की काउंसलिंग में चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत 22 सितंबर तक फीस जमा करनी होगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने इन दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पहले ही आवेदन कर रखा है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष कल फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों का करेंगे दौरा

– शिक्षकों व स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों से करेंगे संवाद

चंडीगढ़, 15 सितंबर – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष कल बुधवार को जिला फरीदाबाद के सरकारी विद्यालयों का दौरा करेंगे। इस दौरान राज्यपाल विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ संवाद कर विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था एवं विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। साथ ही, वे विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उनकी स्थिति का भी आकलन करेंगे।

इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान वे बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक विषयों के बारे में जानकारी लेंगे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

4 1 4 2 7 0
Total Users : 414270
Total views : 664645

शहर चुनें