September 16, 2026 2:12 am

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चंडीगढ़: क्रेडिट कार्ड धारकों को निशाना बनाने वाले साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

फर्जी कॉल सेंटर के जरिए ‘वेलकम ऑफर’ और रिवॉर्ड प्वाइंट का झांसा, मोबाइल में मैलिशियस APK और फर्जी लिंक भेजकर करते थे ठगी
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 15 सितंबर। चंडीगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन टीम ने संगठित साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्रेडिट कार्ड धारकों को निशाना बनाने वाले कथित फर्जी कॉल सेंटर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फर्जी फोन कॉल, मैलिशियस APK फाइल और फर्जी लिंक के जरिए क्रेडिट कार्ड धारकों से धोखाधड़ी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को दिल्ली के कृष्णा नगर में कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई जांच के दौरान जुटाई गई तकनीकी जानकारी और खुफिया इनपुट के आधार पर की गई।
मामले में एफआईआर नंबर 131 दिनांक 4 अगस्त 2026 को साइबर क्राइम थाना, चंडीगढ़ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन के नाम पर 1.39 लाख रुपये की ठगी
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता से क्रेडिट कार्ड से संबंधित धोखाधड़ी के जरिए 1,39,940 रुपये की ठगी की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 1,34,900 रुपये की राशि पर लियन लगाकर उसे आगे ट्रांसफर होने से रोक लिया।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल विश्लेषण के माध्यम से कथित फर्जी क्रेडिट कार्ड कॉल सेंटर से जुड़े लोगों की पहचान की।

11 सितंबर को तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में 11 सितंबर 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें:
संदीप कुमार, उम्र 27 वर्ष, निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, 12वीं पास।
गौरव कुमार, उम्र 33 वर्ष, निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, 10वीं पास।
अर्चना गुप्ता, उम्र 24 वर्ष, निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, बीबीए।
जांच और पूछताछ के दौरान पुलिस ने 14 सितंबर को मनुराज, उम्र 24 वर्ष, निवासी गंगा सहाय कॉलोनी, मंडोली, दिल्ली, 12वीं पास को भी गिरफ्तार किया।
‘वेलकम ऑफर’ और रिवॉर्ड प्वाइंट का देते थे झांसा
जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर फर्जी क्रेडिट कार्ड कॉल सेंटर सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे थे। वे क्रेडिट कार्ड धारकों को फोन करके खुद को क्रेडिट कार्ड कंपनी का प्रतिनिधि बताते थे।
कथित तौर पर ग्राहकों को ‘वेलकम ऑफर’, ‘रिवॉर्ड प्वाइंट’, कैशबैक, कार्ड अपग्रेड और अन्य लाभ देने का झांसा दिया जाता था। बातचीत के दौरान पीड़ितों को विश्वास में लेकर उन्हें फर्जी लिंक पर क्लिक करने या मोबाइल फोन में APK फाइल इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इन मैलिशियस एप्लीकेशन के माध्यम से पीड़ितों के मोबाइल उपकरणों से अनधिकृत तरीके से जानकारी हासिल करने और धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन को अंजाम देने की कोशिश की जाती थी।
ग्राहक डेटा का इस्तेमाल कर चुनते थे निशाना
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित आरोपी ग्राहक डेटा का इस्तेमाल कर संभावित पीड़ितों की पहचान करते थे। इसके बाद क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी और आकर्षक ऑफर का हवाला देकर उन्हें भरोसे में लिया जाता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के पास ग्राहक डेटा कहां से पहुंचा और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

13 मोबाइल फोन, 9 सिम और ग्राहक डेटा रजिस्टर बरामद
पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल और अन्य सामग्री बरामद की है। इनमें:
13 मोबाइल फोन, जिनमें 10 कीपैड फोन और 3 एंड्रॉयड फोन शामिल हैं।
9 सिम कार्ड
4 ग्राहक डेटा रजिस्टर
बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और रजिस्टर की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस इनसे जुड़े अन्य पीड़ितों, बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी है।

मनी ट्रेल और अन्य मामलों से कनेक्शन की जांच
साइबर क्राइम पुलिस अब पूरे मामले की मनी ट्रेल खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य कथित ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों की पहचान करना और ग्राहक डेटा के स्रोत तथा उसके इस्तेमाल और प्रसार का पता लगाना है।
पुलिस बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी साइबर धोखाधड़ी के अन्य मामलों में भी जुड़े हैं या नहीं। नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास जारी हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की एडवाइजरी
चंडीगढ़ पुलिस साइबर क्राइम थाना ने नागरिकों से क्रेडिट कार्ड से जुड़े फर्जी फोन कॉल और ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि रिवॉर्ड प्वाइंट, कैशबैक, कार्ड अपग्रेड या अन्य लाभ के नाम पर आने वाले संदिग्ध संदेशों और कॉल पर भरोसा न करें।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि:
अनजान या संदिग्ध SMS, WhatsApp अथवा ई-मेल लिंक पर क्लिक न करें।
अनजान व्यक्ति या असत्यापित स्रोत से प्राप्त APK फाइल मोबाइल में इंस्टॉल न करें।
फोन या मैसेज पर किसी को OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी जानकारी न दें।
किसी अनजान व्यक्ति को मोबाइल या कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस न दें।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन चंडीगढ़ ने कहा कि संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और डिजिटल धोखाधड़ी के नए तरीकों से नागरिकों को बचाने के लिए पुलिस लगातार तकनीकी जांच कर रही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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