14 वोटों से रेल इंजन पैनल को दी मात, बलबीर सिंह प्रधान, अत्तर सिंह उपप्रधान, मनदीप महासचिव और संजीव कुमार वित्त सचिव चुने गए
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 29 अक्तूबर। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की कर्मचारी यूनियन के वार्षिक चुनाव में शेर पैनल ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। इस बार भी मुकाबला बेहद करीबी रहा और शेर पैनल ने रेल इंजन पैनल को महज 14 वोटों से हराकर जीत की हैट्रिक लगाई। दिलचस्प बात यह है कि पिछले चुनाव में भी दोनों पैनलों के बीच जीत का अंतर 14 वोट ही रहा था। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद शेर पैनल के समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
मुख्य चुनाव अधिकारी कृष्ण लाल मलिक और उनके सहायक सचिन यादव ने चुनाव परिणाम घोषित करते हुए बताया कि इस बार चुनाव मैदान में दो ही पैनल थे। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कुल 1,478 मतदाताओं में से 1,432 कर्मचारियों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इनमें से छह मत रद्द घोषित किए गए।
चुनाव में शेर पैनल को 720 वोट मिले, जबकि रेल इंजन पैनल के पक्ष में 706 वोट पड़े। इस तरह शेर पैनल ने 14 मतों के अंतर से जीत हासिल की। पिछले चुनाव में चार पैनल मैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला शेर और रेल इंजन पैनल के बीच ही रहा था। उस समय भी जीत का अंतर 14 वोट था। लगातार दूसरी बार समान अंतर से जीत दर्ज करना इस चुनाव की खास चर्चा का विषय रहा।
### शेर पैनल के इन पदाधिकारियों ने दर्ज की जीत
शेर पैनल की ओर से प्रधान पद के लिए बलबीर सिंह (इंस्पेक्टर), उपप्रधान पद के लिए अत्तर सिंह (ड्राइवर), महासचिव पद के लिए मनदीप (कंडक्टर) और वित्त सचिव पद के लिए संजीव कुमार चुनाव मैदान में उतरे थे। चुनाव परिणाम में पैनल को कर्मचारियों का समर्थन मिला और उसके उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।
जीत के बाद नवनिर्वाचित प्रधान बलबीर सिंह ने कर्मचारियों का आभार जताते हुए कहा कि यूनियन सीटीयू कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए काम करती रहेगी। कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करवाना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में यूनियन ने कर्मचारियों की कई मांगों को हल करवाने में सफलता हासिल की है। उनके अनुसार, इसी काम के आधार पर कर्मचारियों ने एक बार फिर शेर पैनल पर भरोसा जताया है।
### यार्ड मास्टर की 20 पोस्ट भरवाने का प्रयास
बलबीर सिंह ने बताया कि सीटीयू में ड्राइवर कर्मचारियों के लिए यार्ड मास्टर के 20 पद भरवाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए मामला तैयार कर फाइल संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। यूनियन का प्रयास रहेगा कि इन पदों को जल्द मंजूरी मिले, ताकि कर्मचारियों को पदोन्नति और आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि जिन नए कंडक्टरों की परिवीक्षा अवधि पूरी हो चुकी है, उन्हें वेतन वृद्धि का लाभ दिलवाने के लिए भी मामला तैयार कर दिया गया है। यूनियन इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाने के लिए प्रबंधन के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।
### 2017 बैच के कंडक्टरों का करीब एक करोड़ रुपये का बकाया
यूनियन प्रधान के अनुसार, वर्ष 2017 के कंडक्टरों के वेतन बकाये का मामला भी तैयार हो चुका है। यह राशि करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। इसके भुगतान के लिए सीटीयू प्रबंधन ने चंडीगढ़ प्रशासन से बजट मांगा है। बलबीर सिंह ने कहा कि यूनियन इस मामले को आगे बढ़ाकर कर्मचारियों को उनका बकाया दिलवाने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ समय पर मिलना जरूरी है। इसलिए वेतन बकाया, वेतन वृद्धि और अन्य लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा।
### आउटसोर्स कर्मचारियों की बहाली का मुद्दा भी उठेगा
बलबीर सिंह ने बताया कि यूनियन के प्रयासों से नौकरी से हटाए गए कई आउटसोर्स कर्मचारियों को दोबारा काम पर बहाल करवाया गया था। अब शेष कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर भी यूनियन अपनी आवाज उठाएगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर यूनियन का संघर्ष जारी रहेगा। जिन कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने का मामला लंबित है, उनके पक्ष को प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा।
### निजी ऑपरेटरों से इलेक्ट्रिक बसें लेने का विरोध जारी रहेगा
सीटीयू यूनियन ने निजी ऑपरेटरों से इलेक्ट्रिक बसें लेकर चंडीगढ़ में चलाने के प्रस्ताव का विरोध जारी रखने की बात कही है। बलबीर सिंह के अनुसार, यूनियन चाहती है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए उपलब्ध बजट का उपयोग नई बसें खरीदने पर किया जाए।
उन्होंने बताया कि नई बसों के लिए करीब 20 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध होने की जानकारी है। यूनियन प्रशासन पर दबाव बनाएगी कि इस राशि को नई बसों की खरीद पर ही खर्च किया जाए। यूनियन का मानना है कि इससे सीटीयू के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
### नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी करवाने पर जोर
यूनियन प्रधान ने कहा कि सीटीयू में अलग-अलग श्रेणियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की प्रक्रिया को भी पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। कर्मचारियों की कमी और रिक्त पदों से जुड़े मुद्दों को प्रबंधन के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
इसके साथ ही चंडीगढ़ में चलने वाली आठ राज्यों की सरकारी बसों के संचालन को लेकर संबंधित राज्यों के साथ पारस्परिक समझौते (रेसीप्रोकल एग्रीमेंट) करवाने के प्रयास भी जारी रखे जाएंगे। यूनियन के अनुसार, इस दिशा में समन्वय स्थापित करना जरूरी है, ताकि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े नियमों और व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
### बिना परमिट चलने वाली बसों के खिलाफ अभियान जारी रखने का ऐलान
बलबीर सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ में कथित तौर पर गैरकानूनी ढंग से चल रही निजी बसों, टेंपो ट्रैवलर, ऑटो रिक्शा, रैपिड सेवाओं और सेक्टर-43 बस अड्डे से बिना परमिट संचालित होने वाली कोच बसों के मुद्दे को भी यूनियन उठाती रहेगी।
यूनियन का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस संबंध में संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई जाएगी।
### कर्मचारियों की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती
लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने के बाद शेर पैनल के सामने अब कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा करवाने की चुनौती होगी। यार्ड मास्टर के 20 पदों पर भर्ती, नए कंडक्टरों की वेतन वृद्धि, वर्ष 2017 के कंडक्टरों के बकाये का भुगतान, आउटसोर्स कर्मचारियों की बहाली और नियमित भर्ती जैसे मुद्दे आने वाले समय में यूनियन की प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।
महज 14 वोटों के अंतर से मिली जीत यह भी दर्शाती है कि दोनों पैनलों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा। ऐसे में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर होने वाली कार्रवाई और यूनियन की कार्यशैली आगामी समय में महत्वपूर्ण रहेगी। शेर पैनल ने जीत के बाद कर्मचारियों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का भरोसा दिया है।













Total Users : 441208
Total views : 700934