July 13, 2026 12:33 pm

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लोगों के दिलों को छू लेने वाले मधुर पंजाबी गीत ‘मां गला करिए’ को मिला ‘विरासत-ए-पंजाब 2026’ का खिताब

विश्व प्रसिद्ध लोक गायिका बीबी रंजीत कौर ने किया सम्मानित
अमृतसर, 11 जनवरी ): पंजाबी संगीत जगत के भावनात्मक और मधुर गीत ‘मां गला करिए’ को खालसा यूनिवर्सिटी, अमृतसर में आयोजित भव्य समारोह के दौरान ‘विरासत-ए-पंजाब 2026’ के प्रतिष्ठित खिताब से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्व प्रसिद्ध लोक गीत गायिका बीबी रंजीत कौर ने गीत से जुड़ी पूरी टीम को सम्मानित किया।
इस गीत को अपनी सशक्त और भावनात्मक आवाज़ से सजाया है विश्व प्रसिद्ध गायक औजला ब्रदर्स ने। गीत के बोल जाने-माने लेखक बलविंदर कैर पंडौरी द्वारा लिखे गए हैं, जबकि इसका संगीत दीप जी ने कंपोज किया है। गीत के निर्देशन की कमान अनुभवी डायरेक्टर गगी सिंह ने संभाली है और कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में ज्योति सहगल ने अहम भूमिका निभाई है।
‘मां गला करिए’ में पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के कई जाने-माने कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय किया है। यह गीत मां के प्रति प्रेम, सम्मान और भावनाओं को बेहद सादगी और गहराई के साथ प्रस्तुत करता है, जो समाज को एक सकारात्मक और संवेदनशील संदेश देता है।
औजला ब्रदर्स, जो पंजाबी संगीत उद्योग में अपनी अलग पहचान रखते हैं, इससे पहले भी एक के बाद एक हिट गीत दे चुके हैं। उनका यह नया गीत रिलीज़ के कुछ ही समय में कई मिलियन व्यूज पार कर चुका है और श्रोताओं के दिलों में खास जगह बना रहा है।
वीडियो डायरेक्टर गगी सिंह ने अपने सधे हुए निर्देशन से गीत को और भी प्रभावशाली बनाया है। गगी सिंह पिछले 30 वर्षों से निर्देशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अब तक सैकड़ों गीतों, फिल्मों, शॉर्ट फिल्मों और वेब सीरीज़ का निर्देशन कर चुके हैं।
वहीं कास्टिंग डायरेक्टर ज्योति सहगल ने बताया कि वे पिछले 9–10 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। उन्होंने सैकड़ों पंजाबी, हिंदी और हरियाणवी गानों के साथ-साथ कई बॉलीवुड फिल्मों, शॉर्ट फिल्मों और वेब सीरीज़ में कास्टिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया है। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर गगी सिंह के साथ वे कई प्रोजेक्ट कर चुकी हैं और उनके साथ काम करके उन्हें हमेशा कुछ नया सीखने को मिलता है।
‘मां गला करिए’ की पूरी टीम की मेहनत और समर्पण ने इस गीत को एक खास मुकाम तक पहुंचाया है। ‘विरासत-ए-पंजाब 2026’ का खिताब मिलना इस बात का प्रमाण है कि यह गीत न केवल मनोरंजन करता है, बल्कि पंजाबी संस्कृति और भावनाओं की विरासत को भी मजबूती से आगे बढ़ाता है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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