September 24, 2026 8:48 am

September 24, 2026 8:48 am

CHANDIGARH: ग्रीन श्रेणी उद्योगों को बड़ी राहत, सीपीसीसी ने शुरू की शून्य-दिवसीय स्वीकृति प्रणाली

चंडीगढ़ | 22 जनवरी 2026 व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को और मजबूत करने की दिशा में चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) ने ग्रीन श्रेणी के उद्योगों के लिए एक अहम कदम उठाया है। सीपीसीसी ने स्थापना सहमति (CTE) और संचालन सहमति (CTO) जारी करने हेतु पूर्णतः स्वचालित प्रणाली लागू कर दी है, जिससे अब ग्रीन श्रेणी के उद्योगों को शून्य दिवस में स्वीकृति मिल सकेगी।
यह नई व्यवस्था सीपीसीसी के ऑनलाइन कंसेंट मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (OCMMS) पोर्टल chocmms.in में एकीकृत की गई है। इसके तहत पहले जहां सहमति मिलने में 15 दिन तक का समय लगता था, अब आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा करते ही उद्योगों को तत्काल प्रमाण-पत्र प्राप्त होगा।
चंडीगढ़ में कुल औद्योगिक इकाइयों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन श्रेणी में आता है। नई प्रणाली के लागू होने से इन इकाइयों के लिए मैनुअल जांच की आवश्यकता समाप्त हो गई है, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि नियामकीय प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी।
इस पहल को आज उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया गया, जहां इसे व्यापारिक समुदाय ने व्यापक रूप से सराहा। उद्योगों का मानना है कि इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और व्यवसाय संचालन में तेजी आएगी।
सीपीसीसी के अध्यक्ष ने कहा कि ग्रीन श्रेणी के नए उद्योगों के लिए CTE और CTO को स्वचालित बनाकर चंडीगढ़ ने जनसुविधा और नियामकीय दक्षता के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर Ease of Doing Business के उद्देश्यों को सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगा।
वहीं, सीपीसीसी के सदस्य सचिव ने बताया कि यह पहल उद्योगों पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए किए जा रहे निरंतर सुधारों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि अब तक कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए जा चुके हैं, जिनमें सभी श्रेणियों के उद्योगों के लिए CTO का ऑटो-रिन्यूअल, व्हाइट श्रेणी के उद्योगों को स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा, निरीक्षण और सैंपलिंग की आवृत्ति में कमी, 1000 केवीए तक के स्टैंड-अलोन डीजी सेट को सहमति के दायरे से बाहर करना और सहमति प्रसंस्करण की समय-सीमा में उल्लेखनीय कटौती शामिल है।
नई स्वचालित प्रणाली से चंडीगढ़ में उद्योगों के लिए नियामकीय प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज़ और निवेश-अनुकूल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

Our Visitor

4 1 8 9 2 3
Total Users : 418923
Total views : 670778

शहर चुनें