August 6, 2026 9:30 am

August 6, 2026 9:30 am

पंचकूला: गणतंत्र दिवस से पहले पंचकूला के सेक्टर-21 में पेयजल संकट, प्रशासन बेपरवाह

दो दिनों से पानी की आपूर्ति ठप, लोग खरीदकर पीने को मजबूर

प्रशासक, व डीसी से लेकर एसडीओ, एक्सन तक गुहार, कोई सुनवाई नही

पंचकूला। जहां एक ओर पंचकूला सहित पूरा देश गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों में जुटा है, वहीं पंचकूला के सेक्टर-21 के निवासी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। सेक्टर में पिछले दो दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिसके चलते लोगों को बाजार से पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है।

आरडब्ल्यूए ने प्रशासन के हर स्तर पर लगाई गुहार

सेक्टर-21 आरडब्ल्यूए के सदस्य सुरेंद्र, प्रियांका, राजबाला सहित अन्य निवासियों ने बताया कि पेयजल संकट को लेकर एचएसवीपी (HSVP) के एसडीओ, एक्सईएन, डीसी पंचकूला और हुडा प्रशासक तक फोन कर समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन कहीं से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

एसडीओ का जवाब – “हमारे पास पानी नहीं है”

आरडब्ल्यूए सदस्य प्रियांका ने बताया कि उन्होंने डीएसओ उमेश कुमार से संपर्क किया। इस पर एसडीओ ने साफ तौर पर कह दिया कि “हमारे पास पानी नहीं है।” इस जवाब के बाद लोगों की परेशानी और बढ़ गई।

एक्सईएन ने नहीं उठाया फोन

समस्या को गंभीरता से लेते हुए आरडब्ल्यूए ने एचएसवीपी के एक्सईएन को कई बार फोन किया, लेकिन आरोप है कि एक्सईएन ने फोन उठाने की भी जहमत नहीं की। इससे लोगों में रोष और असंतोष फैल गया।

डीसी से की बात, जिम्मेदारी आगे बढ़ाई

परेशान होकर आरडब्ल्यूए सदस्यों ने डीसी पंचकूला सतपाल शर्मा से संपर्क किया। डीसी ने हुडा प्रशासक से बात करने की सलाह दी। आरडब्ल्यूए सदस्यों ने डीसी से स्वयं हस्तक्षेप करने का आग्रह किया, लेकिन डीसी ने कथित तौर पर कहा कि “मेरी क्यों सुनेंगे।”

हुडा प्रशासक कार्यालय से भी नहीं मिला समाधान

इसके बाद जब आरडब्ल्यूए सदस्यों ने हुडा प्रशासक के कार्यालय में फोन किया तो फोन उठाने वाले अधिकारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “यह रॉन्ग नंबर है, यहां फोन न करें।”

अधिकारी एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेयजल जैसी मूलभूत समस्या पर भी अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं। किसी भी स्तर पर समस्या के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

लोगों में रोष, जल्द समाधान की मांग

सेक्टर-21 के निवासियों का कहना है कि यदि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से पहले भी लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़े, तो यह प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरडब्ल्यूए ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 8 3 5 1 1
Total Users : 383511
Total views : 623267

शहर चुनें