July 14, 2026 10:03 am

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CHANDIGARH: MCM में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स विषयक फैकल्टी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

चंडीगढ़, 8 फरवरी: मेहर चंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं गीतांजलि काउंसलिंग हेल्पलाइन द्वारा ‘डिकोडिंग द नेशनल टास्क फोर्स ऑन स्टूडेंट मेंटल हेल्थएंड सुसाइड प्रिवेंशन इन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस’ विषय पर एक फैकल्टी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभाग, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से पूर्व प्रोफेसर, डॉ. आदर्श कोहली संसाधन विशेषज्ञ रहीं। सत्र में उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं से जुड़ी चिंताओं को संबोधित करने हेतु माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स के उद्देश्य, दायित्वों और सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह विशेषज्ञ निकाय छात्र मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्तियों तथा संस्थागत सहयोग प्रणालियों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रहा।

डॉ. कोहली ने कॉलेज के विद्यार्थियों में चिंता, घबराहट (पैनिक अटैक), अवसाद, आत्मघाती प्रवृत्तियों एवं अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जुड़े लक्षणों, संकेतों और जोखिम कारकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रभावशाली केस स्टडीज़ के माध्यम से फैकल्टी सदस्यों को एक सुरक्षित एवं सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए व्यावहारिक, अनुप्रयोग-आधारित रणनीतियों और संसाधनों से सशक्त किया।

सत्र के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य बजट 2026 में हालिया संशोधनों को भी रेखांकित किया तथा छात्र कल्याण,और सहयोगात्मक संरचनाओं से जुड़े संस्थागत ढाँचों की समीक्षा में राष्ट्रीय टास्क फोर्स की भूमिका पर चर्चा की। समय रहते हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल देते हुए डॉ. कोहली ने कहा कि विद्यार्थियों में बढ़ता मानसिक तनाव एक समावेशी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र की माँग करता है।

कार्यवाहक प्राचार्या नीना शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशीलता बढ़ाने वाले कार्यक्रम फैकल्टी सदस्यों को छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज के चुनौतीपूर्ण शैक्षणिक परिवेश में छात्र मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना सकारात्मक कक्षा वातावरण के निर्माण और समग्र परिणामों को बेहतर बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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