August 28, 2026 9:34 am

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XII बोर्ड परीक्षा और नीट यूजी 2026 की तैयारी: टॉपर्स साझा करते हैं कि एक ही समय में दोनों को कैसे प्रबंधित किया जाए

डॉ. विजय गर्ग
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के ठीक बाद नीट यूजी 2026 का आयोजन 3 मई 2026 को किया जाएगा। इस वर्ष लगभग 20 लाख छात्रों ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। ऐसे में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा और नीट यूजी—दोनों की एक साथ तैयारी करना छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण हो सकता है।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा के टॉपर्स और शिक्षाविदों का मानना है कि सही रणनीति और मानसिक संतुलन के साथ दोनों परीक्षाओं में सफलता पाना पूरी तरह संभव है। टॉपर्स ने अपने अनुभव साझा किए हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि यदि समय और प्राथमिकताओं का सही प्रबंधन किया जाए तो बोर्ड और नीट—दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है।

बोर्ड परीक्षा को प्राथमिकता देना है पहला कदम
शिक्षकों और विशेषज्ञों की एक सरल लेकिन प्रभावी सलाह है—विभाजन (Segregation) सुनिश्चित करें। बोर्ड परीक्षाओं से ठीक पहले प्रवेश परीक्षा की चिंता को मन से निकाल देना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि नीट की तैयारी छात्र पहले ही एक या दो वर्षों से कर रहे होते हैं, इसलिए इस समय सबसे जरूरी है बोर्ड परीक्षा पर पूरा ध्यान केंद्रित करना।
टॉपर्स भी इस बात से सहमत हैं कि बोर्ड परीक्षा को गंभीरता से लेने से न केवल अच्छे अंक आते हैं, बल्कि नीट की तैयारी भी मजबूत होती है, क्योंकि दोनों का पाठ्यक्रम काफी हद तक एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।

बोर्ड परीक्षा से पहले नीट की चिंता से दूरी
अधिकांश टॉपर्स ने बताया कि बोर्ड परीक्षा से कुछ सप्ताह पहले उन्होंने प्रवेश परीक्षा से जुड़ी चिंताओं को जानबूझकर अलग रखा। प्रतिस्पर्धा के दौर में यह आसान नहीं लगता, लेकिन यह रणनीति कारगर सिद्ध होती है। इससे छात्र एक समय में एक लक्ष्य पर फोकस कर पाते हैं और अनावश्यक मानसिक दबाव से बचते हैं।
शिक्षकों का भी यही कहना है कि बोर्ड परीक्षा को हल्के में लेना एक बड़ी भूल हो सकती है। अच्छे बोर्ड अंक आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और आगे की तैयारी के लिए मजबूत आधार बनाते हैं।

भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान पर विशेष ध्यान
टॉपर्स के अनुसार, सीबीएसई कक्षा 12 के भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान के पाठ्यक्रम पर पूरी तरह पकड़ बनाना बेहद जरूरी है। नीट यूजी का बड़ा हिस्सा इसी सिलेबस पर आधारित होता है।
इस समय कक्षा 11 के विषयों में अधिक उलझने के बजाय कक्षा 12 के पाठ्यक्रम का गहन पुनरावर्तन अधिक लाभकारी होता है। इससे बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ नीट की तैयारी भी स्वतः सुदृढ़ हो जाती है।

एनसीईआरटी को कभी न करें नजरअंदाज
टॉपर्स की राय में एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक ही सबसे बड़ा हथियार है। चाहे बोर्ड परीक्षा हो या नीट यूजी—एनसीईआरटी के प्रश्न, उदाहरण और छोटे बॉक्स अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
एनसीईआरटी में दिए गए संख्यात्मक प्रश्न भले ही कम हों, लेकिन वे अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। टॉपर्स सलाह देते हैं कि इन प्रश्नों को प्रश्न-पैटर्न के रूप में समझा जाए। साथ ही, संदर्भ पुस्तकों में दिए गए उच्च स्तरीय सोच कौशल (HOTS) प्रश्नों का अभ्यास नीट में अतिरिक्त बढ़त दिला सकता है।

बोर्ड परीक्षा के बाद की रणनीति
कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद छात्रों को पूरी तरह नीट यूजी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। टॉपर्स का मानना है कि इस समय नमूना प्रश्न पत्र और मॉक टेस्ट हल करना सबसे प्रभावी तरीका है।
नियमित मॉक टेस्ट से यह जल्दी पता चल जाता है कि किस विषय या किस अध्याय में कमजोरी है, जिससे सीमित समय में भी लक्षित सुधार संभव हो पाता है।

बोर्ड परीक्षा और नीट यूजी की तैयारी को एक-दूसरे का विरोधी नहीं, बल्कि पूरक मानना चाहिए। सही योजना, एनसीईआरटी पर मजबूत पकड़, समय का संतुलन और सकारात्मक सोच—यही सफलता की कुंजी है। टॉपर्स के अनुभव बताते हैं कि यदि छात्र शांत मन से चरणबद्ध तैयारी करें, तो दोनों परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
डॉ. विजय गर्ग
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य
शैक्षिक स्तंभकार एवं प्रख्यात शिक्षाविद
स्ट्रीट कौर चंद, एमएचआर
मलोट, पंजाब –

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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