September 20, 2026 4:41 am

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आज महाशिवरात्रि: फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पर विशेष संयोग, योग–ध्यान के लिए उत्तम दिन

नई दिल्ली, 15 फरवरी 2026 (रविवार): आज फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि है और इसी पावन तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर नंदी का अधिकार माना गया है, जो भगवान शिव के वाहन हैं। आज का दिन पुराने पापों के प्रायश्चित, योग–साधना और ध्यान के लिए विशेष रूप से श्रेष्ठ बताया गया है। साथ ही आज सर्वार्थ योग का शुभ संयोग भी बन रहा है।

15 फरवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: फाल्गुन
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: त्रयोदशी
दिन: रविवार
योग: व्यतिपात
नक्षत्र: उत्तराषाढा
करण: वणिज
चंद्र राशि: मकर
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय: सुबह 07:00 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:10 बजे
चंद्रोदय: सुबह 06:15 बजे (16 फरवरी)
चंद्रास्त: शाम 04:08 बजे
राहुकाल: 16:46 से 18:10 बजे
यमगंड: 12:35 से 13:59 बजे

स्थायी सफलता वाले कार्यों के लिए श्रेष्ठ नक्षत्र
आज चंद्रमा मकर राशि में और उत्तराषाढा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। यह नक्षत्र धनु राशि के 26:40 डिग्री से लेकर मकर राशि के 10:00 डिग्री तक फैला हुआ है। इसके शासक सूर्य और देवता विश्वदेव माने गए हैं।
उत्तराषाढा नक्षत्र की प्रकृति स्थिर मानी जाती है, इसलिए इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में स्थायित्व और सफलता की संभावना रहती है। आज के दिन निम्न कार्य शुभ माने गए हैं:
कुआं खोदना, नींव या नगर निर्माण
कर्मकांड, राज्याभिषेक
भूमि क्रय-विक्रय
बीज बोना, कृषि कार्य
देवताओं की पूजा, मंदिर निर्माण
विवाह एवं दीर्घकालिक सफलता से जुड़े कार्य

आज का वर्जित समय
आज 16:46 से 18:10 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम काल में भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर व्रत, रुद्राभिषेक, ध्यान और जप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। आज का दिन शिवभक्तों के लिए आस्था, साधना और आत्मिक शुद्धि का महत्वपूर्ण अवसर है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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