बाबूगिरी ब्यूरो
मुंबई: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की आशंकाओं के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ शुरुआत की। ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते घरेलू बाजार ने पिछले सत्र की भारी गिरावट से शानदार रिकवरी दर्ज की।
रिकवरी मोड में बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला BSE Sensex 0.82 प्रतिशत यानी करीब 630 अंकों की बढ़त के साथ 77,261 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया। वहीं NSE Nifty 50 भी 0.85 प्रतिशत या 203 अंकों की तेजी के साथ 23,978 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
इससे पहले गुरुवार को बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स 931 अंक गिरकर 76,631 और निफ्टी 222 अंक टूटकर 23,775 पर बंद हुआ था।
बैंकिंग-ऑटो में खरीदारी, आईटी-फार्मा दबाव में
आज के कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी, एनर्जी और मेटल शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों ने बाजार को सहारा दिया।
वहीं दूसरी ओर आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा। टॉप लूजर्स में Infosys, Sun Pharma, Tech Mahindra, HCL Technologies और Hindustan Unilever जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
ग्लोबल मार्केट से मिला मजबूत सपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को सहारा दिया। अमेरिकी बाजार Wall Street में तेजी दर्ज की गई, जहां S&P 500 0.62% और Nasdaq Composite 0.82% बढ़कर बंद हुए।
एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा। Nikkei 225 1% से ज्यादा उछल गया, जबकि Hang Seng Index और KOSPI भी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भू-राजनीतिक तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड 1.13% की तेजी के साथ 97.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 1.39% बढ़कर 99.24 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
एक्सपर्ट्स की राय: आगे भी रह सकता है पॉजिटिव ट्रेंड
विशेषज्ञों का मानना है कि एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल के बावजूद इक्विटी बाजार में गिरावट सीमित रही है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। उनका कहना है कि अगले 3 से 6 महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है।
हालांकि मौजूदा हालात के चलते महंगाई और ग्रोथ पर हल्का असर संभव है, लेकिन मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद के चलते भारतीय बाजार का आउटलुक फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार के जानकारों के अनुसार, मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए। बैंकिंग, ऑटो और एनर्जी सेक्टर में मौके नजर आ सकते हैं, जबकि आईटी और फार्मा में फिलहाल दबाव बना रह सकता है।
कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारतीय शेयर बाजार की मजबूती निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है और आगे भी रिकवरी की उम्मीद को बनाए रखती है।












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