June 10, 2026 2:13 pm

June 10, 2026 2:13 pm

हरियाणा में भवन नक्शा पास प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, सीएम ने दिए सख्त निर्देश

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 3 अप्रैल: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में घरेलू और वाणिज्यिक भवनों के नक्शे पास करने की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, आम जनता को सुविधा मिलेगी और प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को सचिवालय में शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अर्बन चैलेंज फंड सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
वेस्ट वाटर रियूज सिस्टम पर जोर
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में वेस्ट वाटर के पुनः उपयोग (रीयूज) को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से निकलने वाले पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इस पानी को पार्कों की सिंचाई, उद्योगों और कृषि कार्यों में उपयोग करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रीटेड पानी के उपयोग के लिए पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाए, खासकर पार्कों और ग्रीन बेल्ट में इस व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में स्थापित होने वाले सभी नए एसटीपी में रियूज सिस्टम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
सीवरेज व्यवस्था का होगा व्यापक आकलन
सीएम सैनी ने प्रदेश में मौजूदा सीवरेज सिस्टम का विस्तृत डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नई योजना बनाई जाए, क्योंकि कई क्षेत्रों में जनसंख्या तीन गुना तक बढ़ चुकी है।
विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्ट्स समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और टेंडर अलॉट होने के बाद कार्य लंबित न रहें। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और मैनपावर लगाकर काम में तेजी लाई जाए।
2,276 सड़कों की पहचान, मरम्मत की योजना
बैठक में बताया गया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने प्रदेशभर में 16 हजार किलोमीटर सड़कों की जीआईएस मैपिंग पूरी कर ली है। ‘म्हारी सड़क’ ऐप के जरिए शिकायतों का समाधान किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार 2,276 सड़कों की पहचान मरम्मत और निर्माण के लिए की गई है। इनमें 1,144 सड़कों का निर्माण 510.34 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जबकि 1,083 सड़कों का पुनर्निर्माण 594.91 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इसके अलावा 49 सड़कों पर पैचवर्क किया जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के निदेशक शाश्वत सांगवान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और सभी विकास कार्यों को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना सुनिश्चित किया

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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