बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 4 मई: चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 44 वर्षीय अधिकारी ने 8वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान पंचकूला निवासी बलवंत सिंह के रूप में हुई है, जो हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) में अकाउंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से झज्जर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलवंत सिंह सोमवार सुबह सचिवालय पहुंचे थे और उन्होंने विजिटर पास बनवाया था। बताया जा रहा है कि वह HPGCL के एक वरिष्ठ अधिकारी से मिलने के उद्देश्य से आए थे। इसी दौरान वह सचिवालय की 8वीं मंजिल पर पहुंचे और अचानक नीचे छलांग लगा दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बलवंत सिंह का नाम ₹590 करोड़ के IDFC बैंक से जुड़े एक कथित घोटाले में सामने आया था। इस मामले में उनसे पहले एक बार पूछताछ हो चुकी थी और अब दूसरे राउंड की पूछताछ प्रस्तावित थी। पुलिस इस एंगल को भी जांच में शामिल कर रही है कि कहीं इस मामले के दबाव के चलते तो उन्होंने यह कदम नहीं उठाया।
सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सचिवालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।
परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है, लेकिन सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
यह घटना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है और सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है।
सरकार और बड़े अफसरों की मिलीभगत से हुए बैंक घोटाले, जान गंवा रहे छोटे कर्मचारी – दुष्यंत चौटाला
बैंक घोटाले के जिम्मेदार बड़े अधिकारियों और एजेंटों पर जल्द और सख्त कार्रवाई करे सरकार – दुष्यंत चौटाला
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि तीन बैंकों में हुए हजारों करोड़ रुपये के सरकारी धन की हेराफेरी के मामले में कई वरिष्ठ अधिकारी और सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सोमवार को हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से कूदकर एक सरकारी कर्मचारी की आत्महत्या के मामले को उन्होंने अफसोसजनक बताया और कहा कि उचित कार्रवाई ना होने की वजह से छोटे कर्मचारी भारी दबाव में हैं और जान गंवा रहे हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आईडीएफसी फर्स्ट, एयू स्माल फाइनेंस और कोटक महिंद्रा बैंक में जमा हरियाणा सरकार के हजारों करोड़ रुपये के गलत इस्तेमाल और गबन में वरिष्ठतम अधिकारी और सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जहां मामले से जुड़े वरिष्ठतम अधिकारियों को सिर्फ सस्पेंड या ट्रांसफर किया गया है, वहीं 4 मध्यम स्तर के अधिकारियों को सरकारी नौकरी से टर्मिनेट कर दिया गया है और गिरफ्तार कर लिया गया है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार बड़े अफसरों पर कार्रवाई के लिए मंजूरी लेने का बहाना बनाकर उन्हें बचने का अवसर दे रही है जबकि सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े निजी व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही जो बैंकों और सरकारी विभागों के बीच कड़ी का काम करते रहे। उन्होंने कहा कि सोमवार को जान गंवाने वाले कर्मचारी के खिलाफ भी जांच चल रही थी जबकि बहुत से रसूखदार आज भी खुले घूम रहे हैं।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा सचिवालय से पिछले कुछ महीनों में तीन लोग गिरकर या कूदकर अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग से इस ओर ध्यान देने को कहा और मांग की कि सचिवालय की बालकनियों में सुरक्षा इंतजाम की समीक्षा की जानी चाहिए।












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