स्वच्छता पुरस्कार समारोह में सफाई कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, कैंपस निवासियों और बच्चों को मिला सम्मान
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 2 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ में शुक्रवार को ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजित स्वच्छता पुरस्कार समारोह में संस्थान को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में योगदान देने वाले सफाई कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, अस्पताल स्टाफ, कैंपस में रहने वाले लोगों और बच्चों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में PGIMER के डीन (एकेडमिक) प्रो. संजय जैन मुख्य अतिथि और मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. अशोक कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।
यह अभियान भारत सरकार की राष्ट्रीय ‘स्वच्छता ही सेवा’ पहल के तहत आयोजित किया गया था। अभियान में डॉक्टरों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों, अस्पताल कर्मचारियों, सुपरवाइजरों और स्वच्छता निरीक्षकों के अलावा विद्यार्थियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) तथा स्कूली बच्चों ने भाग लिया।
ठोस कचरा प्रबंधन से हुई अभियान की शुरुआत
PGIMER में अभियान की शुरुआत 24 सितंबर को ठोस कचरा प्रबंधन विषय पर कार्यशाला के साथ हुई। इसके बाद 25 सितंबर को स्थानीय RWA के साथ जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य अस्पताल परिसर से बाहर भी स्वच्छता का संदेश पहुंचाना था।
27 सितंबर को बागवानी विभाग के सहयोग से वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इसी दिन ‘स्वच्छता के लिए खेल’ के तहत जीरो-वेस्ट खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, गायन प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, पोस्टर मेकिंग, रंगोली और स्वच्छता विषय पर नृत्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
स्कूलों में पहुंचा स्वच्छता का संदेश
29 सितंबर को स्कूलों में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम और श्रमदान आयोजित किए गए। प्रमुख स्थानों पर सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री भी लगाई गई।
30 सितंबर को ‘कबाड़ से जुगाड़’ और ‘कबाड़ से कला’ पहल के तहत बेकार वस्तुओं का रचनात्मक एवं उपयोगी वस्तुओं में रूपांतरण किया गया। इसके अलावा एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर (APC) में भर्ती बच्चों को भी स्वच्छता संबंधी गतिविधियों से जोड़ा गया।
सफाई मित्रों के स्वास्थ्य की भी हुई जांच
अभियान के दौरान संस्थान को स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को सफाई कर्मचारियों के लिए ‘सफाईमित्र सुरक्षा’ स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए।
1 अक्टूबर को संस्थान के स्टाफ ने स्वच्छता की शपथ ली। इसके साथ ही ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान और प्लॉगिंग अभियान आयोजित किए गए। सफाईमित्रों को उनके लिए उपलब्ध विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं लाभों की जानकारी भी दी गई।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार
2 अक्टूबर को आयोजित स्वच्छता पुरस्कार समारोह में अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।
पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. जितेंद्र साहू और एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेस सेंटर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव चौहान निर्णायक मंडल में शामिल रहे। दोनों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।
अस्पताल को प्रतिदिन साफ-सुथरा, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने वाले सफाई अटेंडेंट, अस्पताल अटेंडेंट और सुपरवाइजरों को ‘सफाईमित्र’ और ‘स्वच्छताग्राही’ के रूप में स्वच्छता पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
स्वच्छता अस्पतालों में सुरक्षा की पहली पंक्ति : प्रो. विवेक लाल
PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि किसी भी अस्पताल में स्वच्छता सुरक्षा की पहली पंक्ति है। PGIMER में आने वाले प्रत्येक मरीज को सुरक्षित, साफ और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभियान ने यह संदेश दिया है कि स्वच्छता किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि डॉक्टर, नर्स, छात्र, कर्मचारी और आगंतुक सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सफाईमित्रों को इस अभियान की रीढ़ बताते हुए उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
स्वच्छता अनुशासन और सम्मान का विषय : प्रो. संजय जैन
मुख्य अतिथि प्रो. संजय जैन ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को केवल आसपास की सफाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे अनुशासन और सम्मान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सों और विद्यार्थियों द्वारा प्लॉगिंग, पौधारोपण और स्कूली बच्चों को कचरा प्रबंधन के बारे में जागरूक करना सार्वजनिक स्वास्थ्य के व्यापक दृष्टिकोण को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में शामिल प्रतियोगिताओं के विजेताओं ने रचनात्मकता के माध्यम से स्वच्छता का संदेश प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया।
कचरे का सुरक्षित प्रबंधन संक्रमण नियंत्रण के लिए जरूरी : प्रो. अशोक कुमार
मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि PGIMER जैसे बड़े अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है। इसका सुरक्षित प्रबंधन संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी, अस्पताल अटेंडेंट और सुपरवाइजर यह महत्वपूर्ण कार्य लगातार करते हैं। सफाईमित्रों के लिए आयोजित स्वास्थ्य जांच और उन्हें दिए गए पुरस्कार उनके योगदान के प्रति संस्थान की सराहना को दर्शाते हैं।












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