October 11, 2026 8:32 am

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चंडीगढ़ में वॉकाथॉन के साथ वन्यजीव सप्ताह 2026 का आगाज, प्राकृतिक आवासों की कनेक्टिविटी पर जोर

सुखना झील से चंडीगढ़ बर्ड पार्क तक निकली वॉकाथॉन, सैकड़ों स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों ने लिया हिस्सा

बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 2 अक्टूबर 2026। वन एवं वन्यजीव विभाग, यूटी चंडीगढ़ की ओर से वन्यजीव सप्ताह 2026 का शुभारंभ शुक्रवार को वॉकाथॉन के साथ किया गया। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की थीम “कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ” रखी गई है। कार्यक्रम में प्राकृतिक आवासों के संरक्षण, वन्यजीवों के लिए पारिस्थितिक गलियारों की कनेक्टिविटी बनाए रखने और संरक्षण कार्यों में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
वॉकाथॉन की शुरुआत सुखना झील के रेगुलेटरी एंड से हुई। प्रतिभागी लेक रिजर्व फॉरेस्ट से होते हुए चंडीगढ़ बर्ड पार्क के निकट पहुंचे। इसमें सैकड़ों एनएसएस स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, नागरिक समाज के सदस्यों और चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया।
प्राकृतिक विरासत को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
कार्यक्रम में मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़ हिरियाडका राजेश प्रसाद ने कहा कि चंडीगढ़ की प्राकृतिक विरासत प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के प्रयासों से समृद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गलियारों को आपस में जोड़ना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना जरूरी है, ताकि शहर में वन्यजीवों के साथ सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व कायम रखा जा सके।
यूटी चंडीगढ़ की वन्यजीव सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी
वन्यजीव सप्ताह के उद्घाटन समारोह में “सर्वे रिपोर्ट ऑफ वाइल्डलाइफ ऑफ यूटी चंडीगढ़” का विमोचन भी किया गया। रिपोर्ट में केंद्र शासित प्रदेश में किए गए वन्यजीव सर्वेक्षण के निष्कर्ष शामिल हैं। इसमें चंडीगढ़ में पाई जाने वाली वन्यजीव विविधता और उनके वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं।
विभाग के अनुसार यह रिपोर्ट वैज्ञानिक संरक्षण योजना तैयार करने, प्राकृतिक आवासों के प्रबंधन और भविष्य में वन्यजीवों की निगरानी के लिए उपयोगी संदर्भ के रूप में काम करेगी।

PAHAL पत्रिका और प्रदूषण नियंत्रण समिति का बुलेटिन भी जारी
समारोह के दौरान विभाग की “PAHAL” पत्रिका का भी विमोचन किया गया। पत्रिका में सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण जागरूकता और सतत जीवन पद्धतियों को बढ़ावा देने से संबंधित विषयों पर जोर दिया गया है।
इसके अलावा चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति का बुलेटिन भी जारी किया गया। इसमें पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में समिति की विभिन्न पहलों और गतिविधियों का विवरण शामिल है।
वन्यजीव संरक्षण में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में योगदान के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की सीनियर कोऑर्डिनेटर गीतांजलि कंवर, कुलभूषण कंवर और विक्रमजीत सिंह को सम्मानित किया गया।

पूरे सप्ताह होंगे कई कार्यक्रम
वन्यजीव सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें बटरफ्लाई पार्क में बटरफ्लाई वॉक, सिटी फॉरेस्ट और सुखना चो फॉरेस्ट में बर्ड वॉचिंग, बॉटनिकल गार्डन में पेंटिंग, ड्राइंग एवं क्विज प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता शिविर शामिल हैं।
विभाग का कहना है कि वन्यजीवों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण से सीधे जुड़ा हुआ है। स्वस्थ पारिस्थितिक तंत्र और सतत भविष्य के लिए नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

 

प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्य सचिव यूटी चंडीगढ़ हिरियाडका राजेश प्रसाद मौजूद रहे। पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा विशेष अतिथि तथा वन सचिव मंदीप सिंह बराड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इसके अलावा वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन अनुप कुमार सोनी, सचिव कार्मिक स्वप्निल नाइक और उप वन संरक्षक सत्येंद्र मौर्य सहित चंडीगढ़ प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत सप्ताहभर चलने वाली गतिविधियों का उद्देश्य चंडीगढ़ की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों को संरक्षण के प्रयासों से जोड़ना है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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