October 11, 2026 8:13 am

October 11, 2026 8:13 am

फसल खरीद में किसानों को किसी स्तर पर परेशानी न हो, फसल का उठान हो सुनिश्चित— मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को मंडियों का दौरा कर खरीद प्रक्रिया की निगरानी करने के दिए निर्देश
 
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 7 अक्तूबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की मंडियों में खरीदी जा रही धान और बाजरे का तत्काल प्रभाव से उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडियों में खरीद से लेकर उठान तथा भुगतान तक की पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो।

मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अब तक 5 लाख क्विंटल धान की खरीद

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में जारी खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया के तहत अब तक 5 लाख क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में आवक बढ़ने के साथ-साथ उठान की व्यवस्था भी उसी गति से सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडियों में अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा न हो और किसानों को अपनी फसल लाने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस वर्ष हरियाणा के किसानों को बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले। इस वर्ष सरकार द्वारा बाजरे की खरीद 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। यदि किसी किसान को खुले बाजार में 2,300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक का भाव मिलता है, तो बिक्री मूल्य और 2,900 रुपये के एमएसपी के बीच के अंतर की भावान्तर भरपाई योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। सरकार द्वारा भावान्तर भरपाई योजना के तहत किसानों को 600 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष खुले बाजार में बाजरा लगभग 2,235 रुपये प्रति क्विंटल की औसत दर पर बिक रहा है। इसके अलावा बाजरे की खरीद निजी डीलरों द्वारा भी की जा रही है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष बाजरा खरीद के लिए सरकार द्वारा पहले 2,150 रुपये और बाद में 2,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई थी। सरकार तथा आढ़तियों द्वारा निर्धारित खरीद मूल्य और 2,900 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा अलग से की गई थी।

प्रशासनिक सचिव मंडियों का दौरा कर दें रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए कि वे स्वयं मंडियों का दौरा कर खरीद, उठान और किसानों की सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लें तथा इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपें। उवरिष्ठ अधिकारी मंडियों में जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करें। इसके अलावा, खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रत्येक मंडी में एचसीएस स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राइस मिलर्स के पास पिछले साल खरीदी गई धान बची हुई है, उसे लेकर विभागीय अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है। व्यापारियों की सुविधा के लिए 2777 रुपए प्रति क्विंटल की राशि निर्धारित की गई है।

बैठक में मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, एमडी हैफेड चन्द्रशेखर खरे, महानिदेशक खाद्य एवं आपूर्ति डॉ. अंशज सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

स्पेशल आफिसर (शिकायत एवं निवारण) ने महिला एवं विकास विभाग तथा खेल विभाग की सीएम विंडो, जनसंवाद में आई समस्याओं को लेकर नोडल अधिकारियों की ली बैठक

संबंधित अधिकारियों एवं शिकायतकर्ताओं से सीधे दूरभाष पर बात कर विस्तार से ली जानकारी

लंबित शिकायतों का निपटान अगली बैठक से पहले सुनिश्चित करें- खदरी

चण्डीगढ, 7 अक्तूबर –  हरियाणा के मुख्यमंत्री के स्पेशल आफिसर (शिकायत एवं निवारण) भोपाल सिंह खदरी ने महिला एवं विकास विभाग तथा खेल विभाग की सीएम विंडो, जनसंवाद में आई समस्याओं को लेकर नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि इन समस्याओं के निवारण के लिए अधिकारी तत्परता से कार्य करें ताकि लोगों को उनका जल्द लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि सीएम विंडो एवं जनसंवाद में आने वाली समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वंय मोनिटरिंग एवं निगरानी कर रहे हैं। इसलिए अधिकारी ऐसी समस्याओं के प्रति गम्भीरता से कार्य करें और उनकी एटीआर भी  निश्चित समय पर फाईल करना सुनिश्चित करें ताकि पोर्टल पर समस्या का निपटारन पेंडिग न रहे।

खेल विभाग की समस्याओं बारे समीक्षा करते हुए भोपाल सिंह खदरी ने समस्याओं बारे संबंधित अधिकारियों एवं शिकायतकर्ता से सीधे दूरभाष पर बात कर विस्तार से जानकारी ली। अम्बाला के शमशेर सिंह द्वारा ग्रेडेशन प्रमाण पत्र जारी करवाने का अनुरोध किया गया था। जबकि विभाग द्वारा उसी समय 5 अन्य खिलाड़ियों को जारी कर दिए गए लेकिन शमशेर सिंह को ग्रेडेशन प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। दूरभाष पर जानकारी लेने के दौरान स्पेशल आफिसर को अवगत करवाया गया कि उनके मामले में संबंधित अधिकारियों द्वारा लापरवाई बरती गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही हरिहर योजना बारे भी आगामी कार्यवाई अमल में लाई जाए।
हरिहर योजना हरियाणा सरकार की एक अनूठी और संवेदनशील पहल है, जिसे बेसहारा, अनाथ, परित्यक्त (छोड़े गए) और आत्मसमर्पण किए गए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और रोजगार के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत 18 साल से अधिक आयु के बच्चों को सहायता के अलावा ग्रुप सी व ग्रुप डी में नौकरी में प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। पात्र युवा को इस योजना का लाभ देना सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कोई भी युवा इस योजना का लाभ लेने से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में खेल विभाग एवं अन्य विभागों में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसलिए बेहतर कार्य करने वाले नोडल अधिकारियों को मुख्यमंत्री से प्रशंसा पत्र दिलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के छात्रवृति के मामलों को लेकर भी अधिकारी कार्य करें ताकि किसी भी खिलाड़ी की छात्रवृति लम्बित न रह सके। उन्होंने मोतीलाल राई स्कूल के संबंध में आई सीएम विंडो शिकायत का भी जल्द निवारण करने के निर्देश दिए।
खदरी ने कॉमनवेल्थ 2022 खेलों में गोल्ड मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को कैश अवार्ड अन्य सहायता पर संज्ञान लेते हुए कहा कि जल्द ही इस बारे मुख्यमंत्री से बातचीत कर निवारण करवाया जाएगा।इसके अलावा पैराएथलेटिक खिलाड़ी को ओएसपी कोटे से लाभ देने के लिए भी प्रयास जारी है।
उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का निपटारा इस बैठक में आने से पहले तक नहीं हुआ है  उन शिकायतों का निपटारा आगामी बैठक से पूर्व करना सुनिश्चित करें और  आगामी बैठक दो सप्ताह में आयोजित की जाएगी।

“कोई भी योग्य मतदाता न छूटे”

SIR नोटिस एवं सुनवाई मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष फोकस

प्रदेशभर में लगाए गए विशेष शिविरों में 28,000 लंबित मामलों की हुई सुनवाई

8 व 9 अक्टूबर को भी होगा विशेष शिविर का आयोजन

नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं से सुनवाई में उपस्थित होने की अपील

चंडीगढ़, 7 अक्टूबर- हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची से संबंधित नोटिस एवं सुनवाई मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेशभर में बुधवार को विशेष शिविर आयोजित कर लगभग 28,000 लंबित मामलों की सुनवाई की गई।

प्रदेश में SIR के तहत कुल 44,91,923 नोटिस जनरेट किए गए हैं, जिनमें से 3,15,173 मामलों की सुनवाई लंबित है। कुल लंबित मामलों का प्रतिशत 7.02 प्रतिशत है।

आयोग द्वारा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों को लंबित सुनवाई मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रभावी मॉनिटरिंग करने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

9 अक्टूबर तक विशेष शिविर एवं घर-घर सर्वे

नोटिस की सुनवाई समय पर पूरी करने के उद्देश्य से 8 व 9 अक्टूबर को विशेष शिविरों एवं घर-घर सर्वे के दौरान संबंधित मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे। जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुए हैं और जिन्होंने अभी तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, वे निर्धारित अवधि में अपने दस्तावेज संबंधित अधिकारियों/बीएलओ के पास जमा करवाएं।

आयोग की ओर से सभी पात्र मतदाताओं से अपील की गई है कि जिन मतदाताओं ने अभी तक अपने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपने दस्तावेज बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को उपलब्ध करवाएं, ताकि सभी योग्य मतदाताओं के नाम 6 नवंबर, 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें।

आयोग का उद्देश्य है कि SIR प्रक्रिया के दौरान कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। इसलिए नोटिस प्राप्त करने वाले सभी मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर सुनवाई में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाने की अपील की गई है।

श्रुति चौधरी की अफसरों को हिदायत: मंडी में गेट पास से लेकर फसल भुगतान तक किसानों को न हो कोई परेशानी
कहा-किसानों की सुविधा और सुचारू फसल खरीद सरकार की प्राथमिकता

चंडीगढ़, 7 अक्टूबर-हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में फसल बेचने आने वाले किसानों को गेट पास से लेकर फसल खरीद, माप-तोल, उठान और फसल की कीमत के भुगतान तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए।
श्रुति चौधरी ने आज भिवानी अनाज मंडी का दौरा कर फसल खरीद एवं किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडी में एक किसान के गेट पास की बायोमेट्रिक प्रक्रिया स्वयं कराकर पूरी व्यवस्था की जांच की।
उन्होंने मंडी में फसल में नमी की जांच, खरीद प्रक्रिया तथा अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जाए तथा किसानों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने मंडी में बिजली और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने तथा शौचालयों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खरीद सीजन के दौरान कैंटीन नियमित रूप से संचालित करने तथा किसानों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को मंडी की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि खरीद सीजन के दौरान किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की सुविधा और सुचारू फसल खरीद सरकार की प्राथमिकता है तथा मंडियों में खरीद प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक स्तर पर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

नायब सरकार किसानों के एक-एक दाने की करेगी खरीद : कृष्ण लाल पंवार

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने किया अतिरिक्त अनाज मंडी का दौरा

धान खरीद व्यवस्था का लिया जायजा, एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ खरीद करने के दिए निर्देश

चंडीगढ़, 7 अक्टूबर- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बुधवार को कैथल अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों से बातचीत की और अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खरीद सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा किसानों का एक-एक निर्धारित एमएसपी पर दाना खरीदा जाएगा।

मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मंडी में पहुंची धान की ढेरी पर जाकर नमी मापक यंत्र से नमी का आकलन भी करवाया। किसानों ने मंत्री के सामने अपनी समस्या रखी कि उनकी फसल को एमएसपी पर नहीं खरीदा जा रहा, उन्हें दो-तीन मंडियों में रहना पड़ता है और काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने एक अन्य धान की ढेरी पर जाकर स्वयं भी नमी मापक यंत्र से नमी का आकलन किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों व एजेंसियों को खरीद करने के निर्देश दिए। मंत्री ने मौके पर तीनों एजेंसियों को बराबर खरीद करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कैथल में 270 आढ़त की दुकानें हैं, 1 से 90 तक वेयर हाउस, 91 से 180 खाद्य आपूर्ति विभाग, 181 से 270 दुकानों में हैफेड धान की खरीद करेगी। किसानों के सामने ढेरी के ऊपर व नीचे से दो बार सैंपल किए जाए और उन्हें समझाएं कि उनकी ढेरी में नमी है और इसको थोड़ा हवा लगाई जाए। उन्होंने एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल से धान की खरीद करें। नायब सरकार एक-एक दाने की खरीद करेगी। किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आनी दी जाएगी।

मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एसडीएम को निर्देश दिए कि इन तीनों एजेंसियों द्वारा की गई खरीद की रिपोर्ट भिजवाएं। यदि कोई अधिकारी इस कार्य में लापरवाही बरतेगा तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडियों से धान के उठान कार्य में तेजी लाएं।

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण की समस्या के दृष्टिगत मंत्री ने कहा कि आज और 8 अक्टूबर को पोर्टल खुला है, कोई भी किसान पंजीकरण करवा सकता है। मंडियों में एक-एक पटवारियों की ड्यूटियां लगाई गई है, वहीं कमेटी गठित की गई है, जो इस कार्य को समुचित तरीके से करवाएगी। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे मंडियों में धान की फसल बेचने से पहले सुखाकर लाएं, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार कोई समस्या का सामना न करना पड़े।

विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि मंडी में बिजली, पेयजल, शौचालय, पर्याप्त बारदाना सहित किसानों के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं समुचित रूप से उपलब्ध रखें। मंडी में साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार द्वारा प्रदेश में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है, जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिल रहा है।

गांवों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है प्रदेश सरकार — नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव मंगौली जाटान का किया दौरा, तालाब का अवलोकन कर उपायुक्त को दिए सौंदर्यीकरण करने के निर्देश

चंडीगढ़, 7 अक्टूबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के गांवों का विकास शहरों की तर्ज पर विकसित करना है। गांवों में भी शहरों जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं पक्की गलियां, नालियां, स्वच्छ पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क, व्यायामशाला, ई-लाइब्रेरी और तालाबों का सौंदर्यीकरण उपलब्ध करवाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को जिला कुरुक्षेत्र में अपने पैतृक गांव मंगौली जाटान का दौरा किया। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के तालाब (जोहड़) का विस्तृत अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा को तालाब का सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए और इसके लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद मुख्यमंत्री पैदल ही तालाब स्थल पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि तालाब के पास मिट्टी भराव और एक शेड का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा करवाया गया है, लेकिन अभी भी इस स्थान पर साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और बैठने की समुचित व्यवस्था की कमी है। बरसात के दिनों में यहां जलभराव की समस्या भी बनी रहती है, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को परेशानी होती है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तालाब की पूर्ण रूप से साफ-सफाई करवाई जाए। तालाब के चारों ओर मजबूत चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का निर्माण करवाया जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और जल्द से जल्द कार्य शुरू करवाया जाए।

इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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