67 आपत्तिजनक गीत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटवाए, करीब 200 युवाओं की काउंसलिंग; 12 कट्टरपंथी सोशल मीडिया अकाउंट भी हटवाए
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 8 अक्टूबर। हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टरों, गैंग संस्कृति, हथियारों और हिंसा के महिमामंडन के खिलाफ व्यापक और समन्वित अभियान तेज करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म, संगीत जगत, मीडिया संस्थानों और युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है। अभियान का उद्देश्य आपराधिक जीवनशैली को ‘ग्लैमर’ के रूप में प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा विशेष रूप से युवाओं को गैंग कल्चर और गन कल्चर के नकारात्मक प्रभाव से बचाना है।
एसटीएफ ने शुरू की केंद्रित पहल, संगीत जगत को किया जागरूक
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा इस दिशा में एक केंद्रित पहल के तहत हरियाणवी संगीत जगत के प्रमुख गायकों, गीतकारों एवं निर्माताओं के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलाकारों को गीतों एवं म्यूजिक वीडियो के माध्यम से गैंगस्टरों, हथियारों और हिंसा के महिमामंडन से होने वाले सामाजिक दुष्प्रभावों तथा युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।
एसटीएफ में गठित समर्पित समिति कर रही डिजिटल कंटेंट की निगरानी
गैंग, गैंगस्टरों, हथियारों एवं हिंसा का महिमामंडन करने वाले ऑनलाइन कंटेंट की पहचान और समीक्षा के लिए एसटीएफ (हरियाणा) में एक समर्पित समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा गीतों, म्यूजिक वीडियो तथा अन्य डिजिटल सामग्री की लगातार निगरानी एवं समीक्षा की जा रही है। आवश्यकतानुसार संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मध्यस्थों को कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।
67 गीत विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटवाए गए
इस पहल के तहत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) के तहत विभिन्न ऑनलाइन मध्यस्थों को नोटिस जारी किए गए। STF के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप गैंग, हथियारों एवं हिंसा का महिमामंडन करने वाले 67 गीत विभिन्न ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाए जा चुके हैं। इन प्रभावी कार्रवाइयों के बाद इस प्रकार के कंटेंट के निर्माण एवं प्रसार में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह अभियान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा 22 जुलाई 2019 को CWP No. 6213 of 2016, Reet Mohinder Singh बनाम State of Haryana & Others मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। न्यायालय ने पंजाब एवं हरियाणा राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों को शराब, नशीले पदार्थों एवं हिंसा का महिमामंडन करने वाले गीतों को सार्वजनिक रूप से, जिसमें लाइव कार्यक्रम भी शामिल हैं, बजाए जाने से रोकने के निर्देश दिए थे।
करीब 200 युवाओं की काउंसलिंग, कट्टरपंथी प्रभाव पर भी प्रहार
हरियाणा पुलिस ने केवल कंटेंट हटाने तक सीमित न रहते हुए इसके सामाजिक प्रभावों को कम करने के लिए युवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से गैंगस्टर एवं गन कल्चर से प्रभावित करीब 200 युवाओं की पहचान कर STF द्वारा उनकी काउंसलिंग की गई और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में आतंकवादी द्वारा युवाओं के कट्टरपंथीकरण एवं उन्हें प्रभावित करने के लिए संचालित/प्रयोग किए जा रहे 12 इंस्टाग्राम अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें हटवाया गया। इसके अतिरिक्त गैंगस्टरों, गैंग संस्कृति, हथियारों एवं गन कल्चर का महिमामंडन करने वाले सोशल मीडिया कंटेंट अन्य राज्यों के साथ साझा किए गए, ताकि ऐसे कंटेंट और प्रोफाइल के खिलाफ समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मीडिया, कंटेंट क्रिएटर्स और आमजन के लिए विस्तृत एडवाइजरी
गैंगस्टरों एवं अपराधियों के महिमामंडन को रोकने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के प्रतिनिधियों, कंटेंट क्रिएटर्स तथा आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विस्तृत एडवाइजरी तैयार की गई है। अगस्त 2025 में हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव के संदर्भ में तैयार इस एडवाइजरी में अपराध एवं आपराधिक तत्वों के प्रचार अथवा महिमामंडन से बचने की स्पष्ट अपील की गई है। स्वीकृत एडवाइजरी को सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, चंडीगढ़ को भेजते हुए राज्य में कार्यरत सभी मीडिया संस्थानों तक इसे प्रसारित करने का अनुरोध किया जा रहा है। साथ ही, आमजन तक इसकी व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक माध्यमों से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी अनुरोध किया गया है।
डीजीपी अजय सिंघल: अपराध का प्रचार नहीं, अपराध के खिलाफ संदेश जरूरी
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता केवल अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि ऐसी मानसिकता और डिजिटल वातावरण पर भी प्रभावी अंकुश लगाना है जो अपराध को आकर्षक या प्रतिष्ठित रूप में प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर और गन कल्चर का महिमामंडन युवाओं को गलत दिशा में प्रभावित कर सकता है और समाज में हिंसा के सामान्यीकरण का कारण बन सकता है। उन्होंने मीडिया संस्थानों, कलाकारों, कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आमजन से जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करने की अपील करते हुए कहा कि अपराधियों को प्रचार नहीं, अपराध के खिलाफ संदेश मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा पुलिस युवाओं को अपराध और कट्टरपंथी प्रभाव से दूर रखने तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेगी।












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