October 11, 2026 6:30 am

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पंचकूला में अकेले रहने वाले 842 वरिष्ठ नागरिकों तक पहुंची पुलिस, सुरक्षा के साथ बढ़ाया भरोसा

पुलिस टीमें नियमित रूप से घरों में जाकर जान रहीं बुजुर्गों का हालचाल, साइबर ठगी से बचाव और घरेलू सहायकों के सत्यापन पर जोर

पंकज नैन बोले—वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान पुलिस की प्राथमिकता, जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास

रमेश गोयत
पंचकूला, 9 अक्टूबर। पंचकूला में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनमें विश्वास की भावना मजबूत करने के लिए पंचकूला पुलिस ने विशेष पहल की है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशों के तहत पुलिस टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के घर पहुंचकर उनसे नियमित मुलाकात कर रही हैं। इस अभियान के तहत अब तक 842 वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क किया जा चुका है। पुलिस का उद्देश्य केवल सुरक्षा संबंधी जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि बुजुर्गों की समस्याओं को समझना, उन्हें अपराधों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता उपलब्ध कराना भी है।
पुलिस की इस पहल के माध्यम से अकेले रहने वाले बुजुर्गों को यह भरोसा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी परेशानी या आपात स्थिति में वे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। नियमित मुलाकातों के दौरान पुलिसकर्मी उनका हालचाल पूछने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हैं और आवश्यक सुझाव भी देते हैं।

बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान पुलिस की प्राथमिकता
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान तथा सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह पहल केवल सत्यापन तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करना, उनकी समस्याओं को समझना और आवश्यकता के समय उन्हें पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिक कई बार अपनी परेशानियों को दूसरों के साथ साझा नहीं कर पाते। ऐसे में पुलिस की नियमित मुलाकातें उनके लिए मददगार साबित हो सकती हैं। पुलिसकर्मियों के घर पहुंचने से बुजुर्गों को अपनी समस्याएं बताने और सुरक्षा संबंधी सुझाव प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
पुलिस के अनुसार, इस अभियान के जरिए पुलिस और आमजन के बीच विश्वास तथा सहयोग को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।

साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट से बचाव के लिए जागरूकता
अभियान के दौरान पुलिस टीमें वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में जानकारी दे रही हैं। बुजुर्गों को बताया जा रहा है कि साइबर ठग कई बार पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, बैंक अधिकारी या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं।
पुलिसकर्मी उन्हें अनजान फोन कॉल पर विश्वास नहीं करने, संदिग्ध संदेशों और लिंक से बचने तथा किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दे रहे हैं।
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों को ऐसे फोन कॉल से सावधान रहने के लिए कहा जा रहा है, जिनमें किसी मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगे जाते हैं या वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने का दावा किया जाता है।
पुलिस ने बुजुर्गों को सलाह दी है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर उन्हें डराने या पैसे मांगने का प्रयास करे, तो घबराने के बजाय उसकी बातों की पुष्टि करें और तत्काल पुलिस को सूचित करें।

घरेलू सहायकों के पुलिस सत्यापन पर जोर
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पुलिस घरेलू सहायकों, ड्राइवरों, रसोइयों, मालियों, सफाई कर्मचारियों और घरों में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन करवाने के लिए भी जागरूक कर रही है।
पुलिस टीमों द्वारा बुजुर्गों को समझाया जा रहा है कि घर में किसी नए कर्मचारी को काम पर रखने से पहले उसकी पहचान और अन्य जरूरी जानकारी की जांच करना महत्वपूर्ण है। इससे संभावित आपराधिक गतिविधियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही घरों में आने वाले डिलीवरी कर्मियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह भी दी जा रही है। पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों को किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया है।

सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा उपकरण लगाने की सलाह
पंचकूला पुलिस वरिष्ठ नागरिकों को घरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के बारे में भी जानकारी दे रही है। अभियान के तहत बुजुर्गों की सहमति से उनके घरों में सीसीटीवी कैमरे और अन्य उपयोगी सुरक्षा उपकरण लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पुलिसकर्मी उन्हें घर के मुख्य प्रवेश द्वार की सुरक्षा, अजनबियों की पहचान सुनिश्चित करने और आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने जैसे उपायों के बारे में भी बता रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि जागरूकता, सावधानी और समय पर सूचना देने से वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है।

0डीसीपी अदिति सिंह के नेतृत्व में अभियान की निगरानी
इस अभियान की निगरानी डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के नेतृत्व में की जा रही है। विभिन्न थानों और पुलिस चौकियों की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क कर रही हैं।
पुलिसकर्मी मुलाकातों के दौरान बुजुर्गों की जरूरतों, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और उनकी ओर से दिए जाने वाले सुझावों को समझने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, नियमित संपर्क से वरिष्ठ नागरिकों के साथ संवाद बढ़ाने और उनके मन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने में मदद मिल रही है।
वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी
पंचकूला पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 9115777026 जारी किया है। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों को संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस चौकी प्रभारी के संपर्क विवरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे सीधे संपर्क कर सकें।
पुलिस का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। बुजुर्गों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना, उनकी जरूरतों पर ध्यान देना और उन्हें किसी भी परेशानी के समय सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
पंचकूला पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देना, उन्हें अपराधों के प्रति जागरूक करना और पुलिस के साथ उनका सीधा संवाद मजबूत करना है।
वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिजनों के लिए पुलिस हेल्पलाइन: 9115777026

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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