October 11, 2026 8:15 am

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भारत–अमेरिका व्यापार समझौता: अंतरिम फ्रेमवर्क पर सहमति, किसानों और डेयरी क्षेत्र को पूरी सुरक्षा

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को नई गति देने वाला एक अहम अंतरिम समझौता आकार ले चुका है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार के लिए एक साझा फ्रेमवर्क पर सहमति बन गई है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों—विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों—को करीब 30,000 अरब डॉलर के अमेरिकी बाजार तक पहुंच के नए अवसर मिलेंगे। सरकार ने साफ किया है कि भारत के संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है।

कृषि क्षेत्र में संतुलित नीति
अंतरिम समझौते में कृषि क्षेत्र को लेकर भारत ने संतुलित रुख अपनाया है। जिन क्षेत्रों से किसानों और ग्रामीण आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ सकता था, उन्हें पूरी तरह समझौते से बाहर रखा गया है। वहीं, कुछ ऐसे उत्पादों पर सीमित रियायत दी गई है, जिनका देश के प्रमुख खाद्यान्न उत्पादन पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता।

इन कृषि उत्पादों पर सीमित रियायत
भारत ने अमेरिका से आयात होने वाले कुछ चुनिंदा कृषि एवं संबंधित उत्पादों पर टैरिफ में कटौती या छूट देने पर सहमति जताई है। इनमें पशु आहार से जुड़े ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs) और रेड सोरघम, बादाम व अखरोट जैसे ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और अन्य स्पिरिट्स शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इनसे न तो खाद्य सुरक्षा को खतरा है और न ही किसानों की आय पर असर पड़ेगा।

संवेदनशील कृषि उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि गेहूं, चावल, मक्का, जौ, ज्वार, रागी और अन्य मोटे अनाजों को पूरी तरह संरक्षण दिया गया है। इसके अलावा बाजरा, कोदो, कांगनी, ओट्स और अमरंथ जैसे मिलेट्स भी समझौते से बाहर रखे गए हैं। आटा, मैदा, कोपरा और अन्य प्रसंस्कृत अनाज उत्पादों पर भी कोई रियायत नहीं दी गई है।

डेयरी क्षेत्र को पूर्ण सुरक्षा
भारत का डेयरी सेक्टर, जो करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का आधार है, इस समझौते में पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। दूध, दूध पाउडर, क्रीम, घी, मक्खन, दही, पनीर और विभिन्न प्रकार की चीज़ को समझौते से बाहर रखा गया है। सरकार ने साफ कहा है कि सब्सिडी वाले विदेशी डेयरी उत्पादों से भारतीय किसानों को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

मसाले, फल और सब्जियों पर भी संरक्षण
भारतीय मसालों की वैश्विक पहचान को ध्यान में रखते हुए काली मिर्च, हल्दी, जीरा, धनिया, लौंग, दालचीनी, अदरक समेत अन्य मसालों को पूरी सुरक्षा दी गई है। इसी तरह आलू, प्याज, टमाटर, भिंडी, मटर, मशरूम, कद्दू जैसी सब्जियां और आम, केला, संतरा, अंगूर जैसे फल भी संरक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।

अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद का लक्ष्य
समझौते के तहत भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर का आयात करेगा। इसमें तेल, गैस और कोकिंग कोल जैसे ऊर्जा संसाधन, विमान और उनके पुर्जे, साथ ही डेटा सेंटर उपकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े तकनीकी उत्पाद शामिल होंगे।

भारतीय निर्यातकों को क्या राहत
हालांकि अमेरिका अधिकांश भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ बनाए रखेगा, लेकिन विमानन, ऑटो पार्ट्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों में विशेष रियायत देने पर सहमति बनी है। ऑटो पार्ट्स के लिए एक तय कोटा निर्धारित किया जाएगा, जबकि जेनेरिक दवाओं और उनके कच्चे माल को लेकर अलग से बातचीत जारी रहेगी।

टैरिफ में कटौती और आगे की दिशा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है। रूस से तेल आयात को लेकर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी हाल ही में हटा लिया गया है। दोनों देशों का लक्ष्य मार्च 2026 तक एक पूर्ण और औपचारिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत–अमेरिका आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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