April 5, 2026 12:44 pm

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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: पश्चिम एशिया तनाव और तेल की कीमतों ने तोड़ा कमर

मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की आशंका ने भारतीय शेयर बाजार को हिला कर रख दिया है। इस कारोबारी सप्ताह में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को सप्ताह के आखिरी सत्र में सेंसेक्स 1,470 अंक टूटकर 74,563 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 5.31% की साप्ताहिक गिरावट के साथ 23,151 के स्तर पर पहुंच गया।

गिरावट के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह बाजार में भारी बिकवाली का मुख्य कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा आक्रामक निकासी है। भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है, जिससे तेल महंगा होने पर महंगाई बढ़ने और राजकोषीय घाटे का डर निवेशकों में बेचैनी पैदा कर रहा है।
इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंका वैश्विक निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर की मजबूती ने भारतीय बाजार पर और दबाव डाला है।

सेक्टोरल प्रभाव
इस गिरावट का सबसे बड़ा असर ऑटो सेक्टर पर पड़ा है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स इस सप्ताह 10-11% तक टूट गया, जो मार्च 2020 के कोरोना संकट के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।
बैंकिंग और मेटल शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई। एलएनजी और सीएनजी की संभावित कमी ने शहरी बाजारों में ऑटो और विनिर्माण क्षेत्र की चिंताओं को और बढ़ा दिया। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे जोखिम भरे शेयरों में भारी दबाव आया।

आर्थिक संकेतकों में हलचल
शेयर बाजार की गिरावट के साथ भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया 92.45 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में डर को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) 22 के स्तर के पार चला गया है, जो आने वाले दिनों में अधिक उतार-चढ़ाव का संकेत देता है। अकेले शुक्रवार के सत्र में निवेशकों की लगभग 9.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई।

आगे की राह और तकनीकी स्तर
विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अब एक महत्वपूर्ण सहारा (सपोर्ट) के रूप में देखा जा रहा है। यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है और निफ्टी इस स्तर को तोड़ता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है।
ऊपर की ओर 23,300 और 23,500 पर कड़ा प्रतिरोध (Resistance) मौजूद है। बैंक निफ्टी के लिए 53,500 और 53,000 महत्वपूर्ण स्तर बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को सतर्क रहने और भावनात्मक निर्णय लेने से बचने की आवश्यकता है। आने वाले सप्ताह में वैश्विक घटनाओं और तेल की कीमतों पर नजर रखने वाले निवेशकों को ही लाभ के मौके मिल सकते हैं।

Abhishek Goyat
Author: Abhishek Goyat

virender chahal

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