October 13, 2026 6:34 pm

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पापमोचनी एकादशी और मीन संक्रांति का संयोग आज, पूजा-उपवास का विशेष महत्व

चंडीगढ़, 15 मार्च 2026 (रविवार): आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे पापमोचनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत रखने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी आज का दिन विशेष माना जा रहा है क्योंकि आज मीन संक्रांति के साथ-साथ द्विपुष्कर योग का भी निर्माण हो रहा है। इस कारण धार्मिक कार्यों, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है।
धर्माचार्यों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु का पूजन, व्रत, भजन-कीर्तन तथा दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अलावा नई ज्वेलरी या कीमती वस्तुओं की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है।

मीन संक्रांति का विशेष महत्व
आज सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे मीन संक्रांति कहा जाता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष के अनुसार आज चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा और श्रवण नक्षत्र में रहेगा। श्रवण नक्षत्र को गतिशील नक्षत्र माना जाता है, इसलिए इस दौरान यात्रा, वाहन चलाना, बागवानी, मित्रों से मिलना और खरीदारी जैसे कार्य करना शुभ माना जाता है।

आज का पंचांग (15 मार्च 2026)
विक्रम संवत: 2082
मास: चैत्र
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: एकादशी
दिन: रविवार
योग: परिध
नक्षत्र: श्रवण
करण: बलव
चंद्र राशि: मकर
सूर्य राशि: मीन
सूर्योदय: सुबह 06:31 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:29 बजे
चंद्रोदय: तड़के 04:47 बजे
चंद्रास्त: दोपहर 02:53 बजे

वर्जित समय का रखें ध्यान
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज राहुकाल शाम 4:59 बजे से 6:29 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल और दुमुहूर्त में भी महत्वपूर्ण कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पापमोचनी एकादशी के दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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