April 10, 2026 5:18 pm

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पंचकूला पुलिस ने ‘खैर माफिया’ का किया भंडाफोड़, वन अधिकारी समेत 11 गिरफ्तार

पंचकूला: पंचकूला पुलिस ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए अवैध कटाई और वन संपदा की चोरी में लिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई थाना चण्डीमंदिर क्षेत्र के आसरेवाली सुरक्षित वन क्षेत्र में खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई और तस्करी के मामले में की गई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस गंभीर मामले पर स्वयं संज्ञान लिया और पंचकूला पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। पुलिस कमिश्नर ने तुरंत एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज की कमान में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया।
जांच में पाया गया कि 25 फरवरी को वन विभाग ने लगभग 400–500 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का पता लगाया था। शिकायत 2 मार्च को वन खंड अधिकारी रघुविन्द्र सिंह ने दर्ज कराई थी। तत्परता से जांच शुरू हुई और 12 मार्च को मुख्य आरोपी इमरान उर्फ मान्ना समेत हबीब खान, शकिल, सराफत, यासिन और समीम को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अन्य आरोपियों जैसे नानक और तकी खान को भी पकड़ लिया गया।
जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी दिलबहादुर (जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश) चोरी की गई खैर की लकड़ी खरीदकर बेचता था, जबकि अली मोहम्मद उर्फ रोशन ट्रांसपोर्टर की भूमिका निभाता था। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वन अधिकारी रघुविन्द्र सिंह को हर महीने रिश्वत दी जाती थी। इसके बाद 15 मार्च को वन अधिकारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच भारतीय दंड संहिता की धारा 303(2), वन अधिनियम की धारा 32, 33, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27, 29 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लगभग 10 क्विंटल 50 किलोग्राम खैर की लकड़ी, नकदी, पेड़ काटने के औजार और दो पिकअप वाहन बरामद किए हैं। अब तक गिरफ्तार 11 आरोपियों में 8 कटाई करने वाले, एक खरीददार, एक ट्रांसपोर्टर और एक वन अधिकारी शामिल हैं।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने कहा, “वन संपदा हमारी राष्ट्रीय धरोहर है। इसके खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगी। इस गिरोह के सरगना, ट्रांसपोर्टर और भ्रष्ट अधिकारी को बेनकाब किया गया है। हमारी टीमें अभी भी रेड कर रही हैं और हम सुनिश्चित करेंगे कि इस सिंडिकेट की जड़ें पूरी तरह उखाड़ फेंकी जाएं।”
यह कार्रवाई न केवल अवैध वन कटाई को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि वन विभाग में भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के खिलाफ भी एक सख्त संदेश देती है।

Abhishek Goyat
Author: Abhishek Goyat

virender chahal

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