हरियाणा/एनसीआर/दिल्ली:मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन ने चेतावनी दी है कि आने वाले तीन दिनों में पूरे हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 18, 19 और 21 मार्च को तेज हवाएं, आंधी-तूफान, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि का खतरा बना रहेगा।
मौसम पूर्वानुमान:
आज 18 मार्च को शाम के बाद उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।
इसके प्रभाव से दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान में चक्रवातीय सर्कुलेशन बनेगा, जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी प्रवाहित होगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी संभव है, जबकि मैदानी क्षेत्रों—हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली—में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और आंधी-तूफान चलने की संभावना है।
कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और ओलावृष्टि भी हो सकती है।
इस मौसम प्रणाली के कारण मैदानी राज्यों में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज होगी।
किसानों के लिए विशेष सावधानी:
डॉ. चंद्रमोहन ने किसानों से मौसम के दौरान निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
जल निकासी (Drainage):
खेतों में जलजमाव न होने दें; अतिरिक्त पानी निकालने के लिए मेड़ काटें और चैनल बनाएं।
कटाई और भंडारण:
कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल/वेयरहाउस में संरक्षित करें। मंडियों में भी सुरक्षित रूप से रखें।
ओलावृष्टि से बचाव:
बारिश या ओलावृष्टि के दौरान पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या कमजोर छप्परों के नीचे बिल्कुल न रहें।
फसल और सब्जियों का संरक्षण:
कतार वाली फसलों और सब्जियों में मिट्टी डालें ताकि वे गिरें नहीं।
केमिकल स्प्रे से बचें:
बारिश के दौरान उर्वरक या कीटनाशकों का छिड़काव न करें, क्योंकि वे धुल जाएंगे।
सिंचाई टालें:
तेज हवाओं और आंधी के दौरान सिंचाई से बचें, अन्यथा फसल गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम अलर्ट पर ध्यान दें:
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को लगातार मॉनिटर करें और उसी के अनुसार कृषि कार्य करें।
प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन, नोडल अधिकारी, पर्यावरण क्लब, राजकीय महाविद्यालय, नारनौल ने किसानों और आम जनता से विशेष सतर्क रहने की अपील की है।











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