चंडीगढ़/हरियाणा, 21 मार्च (शनिवार): आज चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। यह तिथि भगवान भगवान शिव और माता माता गौरी को समर्पित है। इस अवसर पर आज गौरी पूजा भी की जा रही है, जिसका विशेष महत्व है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन गृह प्रवेश, भवन निर्माण, कला एवं रचनात्मक कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है। वहीं, विवाद, झगड़े और मुकदमेबाजी जैसे कार्यों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
आज का पंचांग (21 मार्च 2026)
विक्रम संवत: 2082
मास: चैत्र
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: तृतीया
दिन: शनिवार
योग: एन्द्र
नक्षत्र: अश्विनी
करण: तैतिल
चंद्र राशि: मेष
सूर्य राशि: मीन
⏰ सूर्योदय: सुबह 06:24 बजे
🌇 सूर्यास्त: शाम 06:32 बजे
🌙 चंद्रोदय: सुबह 07:30 बजे
🌃 चंद्रास्त: रात 09:11 बजे
आज का अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 09:26 से 10:57 बजे तक
यमगंड: दोपहर 01:59 से 03:30 बजे तक
इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने से बचना चाहिए।
अश्विनी नक्षत्र का महत्व
आज चंद्रमा मेष राशि में स्थित होकर अश्विनी नक्षत्र में गोचर कर रहा है। यह नक्षत्र देवताओं के वैद्य अश्विनी कुमार से जुड़ा हुआ है, जिन्हें स्वास्थ्य और उपचार का प्रतीक माना जाता है।
यह नक्षत्र यात्रा, चिकित्सा, शिक्षा की शुरुआत, वाहन खरीद-फरोख्त, आभूषण निर्माण, व्यापार आरंभ और शारीरिक व्यायाम जैसे कार्यों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
क्या करें, क्या न करें
करें:
गृह प्रवेश, निर्माण कार्य
व्यापार या नई शुरुआत
पूजा-पाठ, धार्मिक कार्य
शिक्षा, कला और निवेश
न करें:
विवाद, झगड़ा
कोर्ट-कचहरी के काम
राहुकाल में शुभ कार्य
आज का दिन धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है। विशेषकर गौरी पूजा के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। सही समय और मुहूर्त का ध्यान रखकर कार्य करने से लाभ मिलने की संभावना है।










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