चंडीगढ़, 4 जनवरी 2026: जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) 2024 के परिणामों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने इस घोटाले को शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला करार दिया और कहा कि सरकार की पारदर्शिता पूरी तरह से सवालों के घेरे में है।
दिग्विजय चौटाला ने प्रेस वार्ता में कहा कि 1284 अभ्यर्थियों को परिणाम में बाद में शामिल किया गया, जिसके लिए न तो बायोमेट्रिक प्रक्रिया अपनाई गई और न ही किसी प्रकार की पारदर्शिता रखी गई। उन्होंने बताया कि बोर्ड सचिव ने पारदर्शिता के साथ परिणाम बोर्ड अध्यक्ष के पास भेजा था, लेकिन अध्यक्ष ने इसे वापस भेजकर संशोधित करवाया और सचिव को बदल दिया गया।
दिग्विजय ने कहा, “सरकार बिना किसी स्पष्ट कारण के अभ्यर्थियों के साथ खिलवाड़ कर रही है। कुछ कोचिंग एजेंसियों से मिलीभगत के तहत यह घोटाला अंजाम दिया गया। यदि सरकार सीबीआई जांच से पीछे हटती है, तो जेजेपी इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में ले जाएगी।”
उन्होंने पुलिस भर्ती को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि हरियाणा पुलिस की नई भर्ती में युवाओं को आयु सीमा में तीन साल की छूट दी जानी चाहिए, क्योंकि सीईटी परीक्षा में देरी के कारण कई योग्य युवा आयु सीमा से बाहर हो गए हैं।
दिग्विजय ने आगे कहा कि ओएमआर शीट निकालने के लिए नियमानुसार दो साल की अवधि है, लेकिन बोर्ड ने इसे केवल 10 दिन का समय दिया। उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष के पिछले कार्यकाल के दौरान राजस्थान में लगे आपराधिक और भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देते हुए पूछा कि उन्हें हरियाणा में यह जिम्मेदारी क्यों दी गई।
मुख्यमंत्री हरियाणा से सवाल:
110 दिन क्यों लगे परिणाम जारी करने में?
परिणाम तैयार होने के बाद इसे क्यों रिकॉल किया गया?
रात 12 बजे बिना पूर्व सूचना के परिणाम वेबसाइट पर क्यों डाल दिया गया?
दिग्विजय चौटाला ने इस प्रकरण को हरियाणा युवाओं के साथ एक बड़ा खिलवाड़ बताते हुए कहा कि सरकार की शिक्षा और रोजगार नीति पूरी तरह असफल साबित हो रही है।













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