April 6, 2026 8:39 am

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पंजाब में पहली बार जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वे शुरू, सीएम भगवंत मान ने पेश किया 4 साल का रिपोर्ट कार्ड

ग्रामीण विकास, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और महिला सशक्तिकरण पर फोकस; केंद्र पर फंड रोकने का आरोप
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 1 अप्रैल: भगवंत सिंह मान ने पंजाब में पहली बार जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण शुरू करने की घोषणा की है। यह सर्वे 1 अप्रैल से लागू हो गया है और इसका उद्देश्य राज्य के सभी समुदायों और उप-समुदायों के जीवन स्तर का व्यापक आकलन करना है, ताकि भविष्य की नीतियां अधिक सटीक और समानता आधारित बनाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सर्वे से जुड़ी सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी।
यह घोषणा ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम के तहत की गई, जिसमें मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग का चार साल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए बड़े स्तर पर निवेश, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए गांवों की तस्वीर बदलने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में ग्रामीण विकास पर 3,847 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो पिछली सरकार के पांच वर्षों (2017-22) में खर्च किए गए 1,883 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है। वर्ष 2025-26 में ही 2,367.64 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है।
उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों, आंगनवाड़ी केंद्रों, लाइब्रेरियों, खेल मैदानों, गलियों और नालियों के निर्माण पर 1,030.94 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं पेयजल, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी आवश्यक सेवाओं पर 1,336.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
पंचायती जमीनों के बेहतर प्रबंधन को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध कब्जों को हटाकर और पारदर्शी लीज प्रक्रिया अपनाकर चार वर्षों में 1,842.78 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। वर्ष 2025-26 में करीब 1.35 लाख एकड़ जमीन लीज पर दी गई, जिससे 520.54 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष से अधिक है।
युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक गतिविधियों में जोड़ने के लिए सरकार ने खेल और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए हैं। राज्य में लगभग 3,000 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर 1,166 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें वॉलीबॉल कोर्ट, फुटबॉल मैदान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा 251 लाइब्रेरियां बनाने की योजना है, जिनमें से 231 पहले ही पूरी हो चुकी हैं।
मनरेगा के तहत रोजगार सृजन को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि 2022 से अब तक 5,146 करोड़ रुपये खर्च कर 8.96 लाख लोगों को रोजगार दिया गया और 2.40 करोड़ मानव-दिवस सृजित किए गए। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए बदलावों की आलोचना करते हुए कहा कि ये संशोधन ग्रामीण रोजगार को प्रभावित कर सकते हैं।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सरकार ने कई पहल की हैं। 58,303 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनसे 5.89 लाख परिवार जुड़े हैं। इन समूहों को 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। डेयरी क्षेत्र में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए 1,100 दूध सहकारी समितियां बनाई गई हैं, जो रोजाना लगभग एक लाख लीटर दूध सप्लाई कर रही हैं।
ग्रामीण आवास योजना के तहत इस वर्ष 76 हजार घरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 30 हजार बाढ़ प्रभावित परिवार शामिल हैं। सरकार ने गरीब वर्ग के लिए एक लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा 17,080 गांवों के तालाबों की सफाई का बड़ा अभियान चलाया गया है, जिसमें हजारों तालाबों से गाद निकालने और पानी निकासी का काम पूरा किया जा चुका है।
नशा विरोधी अभियान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में 12 हजार विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं और 1.25 लाख से अधिक वॉलंटियर इस मुहिम से जुड़े हैं। इनकी मदद से कई नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि आरडीएफ, जीएसटी और अन्य ग्रांट्स के फंड रोके जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने अधिकारों के लिए हर मंच पर लड़ाई लड़ेगी और पंजाब का हक लेकर रहेगी।
इसके साथ ही उन्होंने गेहूं खरीद को लेकर कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और किसी भी तरह की बाधा या ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार किसानों की जमीन से गुजरने वाली हाई टेंशन तारों को जमीन के नीचे डालने की संभावनाओं पर काम कर रही है, जिससे फसलों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
सरकार का दावा है कि इन सभी पहलों के जरिए पंजाब के गांवों में बुनियादी ढांचे में सुधार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और सामाजिक समरसता को मजबूत किया गया है, जिससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है।

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Author: BabuGiri Hindi

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