अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ठहराया दोषी
चंडीगढ़, 06 जनवरी 2026: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गुरुग्राम की अदालत ने आरोपी बब्लू पुत्र नरेश, निवासी नेटार, थाना देनीवाया, जिला पटना (बिहार) (प्राइवेट व्यक्ति) को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7ए के तहत 4 वर्ष के कारावास तथा 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला 5 जनवरी 2026 को सुनाया गया।
ब्यूरो को दी गई शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह गुरुग्राम की एम.जी. रोड पर लीट्टी-चोखा की रेहड़ी लगाता है। आरोप है कि आरोपी बब्लू ने उसकी रेहड़ी एम.जी. रोड पर लगाने की एवज में 1,000 रुपये प्रति माह नकद रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम ने जाल बिछाकर आरोपी बब्लू को शिकायतकर्ता से 1,000 रुपये नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ अभियोग संख्या 29, दिनांक 13 अगस्त 2022 को धारा 7, 7ए एवं 13(1)(बी) सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में मामला दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उपरोक्त सजा सुनाई है।











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