May 1, 2026 3:01 am

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चंडीगढ़ बना ‘चालानगढ़’: 100 दिनों में 2 लाख से अधिक चालान, 9 करोड़ रुपये जुर्माना, सबसे ज्यादा रेड लाइट जंप के मामले

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 28 अप्रैल 2026। चंडीगढ़, जो अपनी योजनाबद्ध सड़कों और आधुनिक यातायात व्यवस्था के लिए जाना जाता है, अब ट्रैफिक चालानों के बढ़ते आंकड़ों को लेकर चर्चा में है। ताजा आंकड़ों के अनुसार शहर में ट्रैफिक नियमों के सख्त प्रवर्तन के चलते महज 1 जनवरी 2026 से 15 अप्रैल 2026 के बीच लगभग 100 दिनों में 2 लाख से अधिक चालान काटे गए हैं। इन चालानों के माध्यम से कुल करीब 9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इस स्थिति को लेकर शहर में लोग चंडीगढ़ को व्यंग्यात्मक रूप से “चालानगढ़” भी कहने लगे हैं।

सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पूरा शहर
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने पूरे शहर में हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू की हुई है। जानकारी के अनुसार शहर में लगभग 900 हाई-डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे यातायात नियमों की निगरानी करते हैं।
इन कैमरों को “तीसरी आंख” कहा जा रहा है, क्योंकि ये हर छोटे-बड़े ट्रैफिक उल्लंघन को रिकॉर्ड कर सीधे सिस्टम में चालान जनरेट कर देते हैं। इसी ऑटोमैटिक व्यवस्था के कारण चालानों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

सबसे ज्यादा रेड लाइट जंप के चालान
आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक चालान रेड लाइट जंप करने के मामलों में किए गए हैं।
लगभग 1.26 लाख चालान सिर्फ रेड लाइट तोड़ने के मामलों में दर्ज किए गए हैं, जो कुल चालानों का एक बड़ा हिस्सा है।
इसके अलावा ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, गलत पार्किंग और सीट बेल्ट न लगाने जैसे मामलों में भी बड़ी संख्या में चालान काटे गए हैं।

ट्रैफिक पुलिस का सख्त संदेश
ट्रैफिक विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य जुर्माना वसूलना नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। अधिकारियों के अनुसार, कैमरा आधारित चालान व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकी है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में निगरानी व्यवस्था और मजबूत की जाएगी ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
शहर में इस सख्ती को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली है।
कुछ लोग इसे सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कई नागरिकों का मानना है कि छोटी गलतियों पर भी भारी जुर्माना आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है।

निष्कर्ष
चंडीगढ़ की आधुनिक ट्रैफिक व्यवस्था जहां एक ओर नियमों के पालन को सुनिश्चित कर रही है, वहीं दूसरी ओर चालानों की बढ़ती संख्या ने इसे चर्चा का विषय बना दिया है। 100 दिनों में 2 लाख से अधिक चालान और 9 करोड़ रुपये का जुर्माना यह दर्शाता है कि शहर में यातायात नियमों को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

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