शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग बम धमाका केस 12 घंटे में सुलझा, 4 आरोपी गिरफ्तार
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़/पटियाला, 28 अप्रैल 2026: पटियाला पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर हुए बम धमाके की गुत्थी महज 12 घंटों में सुलझा ली। इस दौरान पुलिस ने सीमा पार से संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए चार पेशेवर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में युद्धक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
यह जानकारी पटियाला रेंज के डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल और एसएसपी वरुण शर्मा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा था और इसके तार विदेशों, विशेषकर मलेशिया में बैठे हैंडलरों से जुड़े हुए हैं।
संगठित पुलिस कार्रवाई से मिली सफलता
डीआईजी कुलदीप चाहल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसमें एसपी (हेड) वैभव चौधरी, डीएसपी सुखअमृत सिंह रंधावा, सीआईए पटियाला और समाना की टीमें, थाना कोतवाली पटियाला और स्पेशल सेल राजपुरा शामिल थीं। टीमों ने समन्वित और पेशेवर ढंग से कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान परदीप सिंह खालसा (मुख्य सरगना), कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक बम, दो पिस्तौल, जिंदा कारतूस, आईईडी बनाने की सामग्री, लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं।
आतंकी साजिश और विदेशी कनेक्शन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मॉड्यूल का सरगना परदीप सिंह खालसा खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित था और “चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारिए” नामक संगठन चला रहा था। वह मलेशिया में सक्रिय उग्रवादी समूहों और पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में था। इनका उद्देश्य पंजाब में दहशत फैलाकर शांति व्यवस्था को भंग करना था।
बम धमाके का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:55 बजे आरोपियों के साथियों ने शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर बम विस्फोट कर रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया। इस संबंध में जीआरपी पटियाला में मामला दर्ज किया गया था।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
मामले में थाना कोतवाली पटियाला में बीएनएस की धारा 111, विस्फोटक अधिनियम की धाराएं 3, 4, 5, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और यूएपीए 1967 की धाराएं 13, 16, 18, 20 के तहत केस दर्ज किया गया है।
आगे की जांच जारी
डीआईजी कुलदीप चाहल ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। जांच एजेंसियां विदेशी फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं।
एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा कि इस मॉड्यूल के पकड़े जाने से पंजाब में संभावित बड़ी आतंकी घटनाओं को टाल दिया गया है, जिससे जान-माल के बड़े नुकसान को रोका जा सका है।












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