May 1, 2026 2:45 am

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CHANDIGARH NEWS: निजी स्कूलों में छात्रों के सुरक्षित परिवहन पर सख्ती, STRAPS नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 28 अप्रैल 2026। उपायुक्त चंडीगढ़ की अध्यक्षता में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश के सभी निजी शैक्षणिक संस्थानों में स्टूडेंट्स के सुरक्षित परिवहन हेतु लागू STRAPS (Student Safe Transportation Policy) के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि अनेक स्कूलों ने बिना संशोधित भवन योजना (Revised Building Plan – RBP) की स्वीकृति लिए अपने परिसर के लेआउट में बदलाव कर दिए हैं। कई संस्थानों में पार्किंग के लिए निर्धारित स्थानों को कक्षाओं, खेल मैदानों या अन्य गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। इसके चलते स्कूल परिसरों में पार्किंग की कमी हो गई है, जिससे छात्रों की सुरक्षित बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सड़कों पर बढ़ रहा जाम, बच्चों की सुरक्षा पर खतरा
पार्किंग की कमी के कारण अभिभावकों को बच्चों को स्कूल के बाहर सार्वजनिक सड़कों पर छोड़ना और लेना पड़ रहा है, जिससे स्कूलों के आसपास ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है और छात्रों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।

STRAPS नीति के तहत सख्त निर्देश
यूटी प्रशासन ने सभी स्कूलों को STRAPS नीति का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं, जिनमें प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
जिन स्कूलों में आंतरिक पार्किंग उपलब्ध है, वहां छात्रों की पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ व्यवस्था स्कूल परिसर के भीतर ही सुनिश्चित की जाए।
जहां यह संभव नहीं है, वहां बाहर निर्धारित और चिन्हित स्थान पर सुरक्षित बोर्डिंग/डी-बोर्डिंग ज़ोन बनाया जाए।
स्कूलों को अपने स्तर पर स्टाफ तैनात करना होगा, जो छुट्टी और खुलने के समय ट्रैफिक को नियंत्रित करे।
छात्रों की सुरक्षा के लिए वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि बच्चों को सड़क पार न करनी पड़े।
उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी
एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वीकृत भवन योजनाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, स्कूलों को एक महीने के भीतर पार्किंग क्षेत्रों में किए गए सभी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयसीमा का पालन न करने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

EWS कोटे की भी होगी जांच
बैठक में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 15% सीटें मुफ्त उपलब्ध कराने की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस संबंध में एस्टेट ऑफिस को सभी लीजधारी स्कूलों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी संस्थानों को निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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