May 5, 2026 7:49 pm

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HARYANA NEWA :सुपवा की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, कला के रंगों संग छाया मनोरंजन का जादू

मंगलवार से आमजन के लिए खुली कला प्रदर्शनी ‘अभिव्यंजना’- आर्ट वर्क्स व रचनात्मक प्रस्तुति खींच रहीं लोगों का ध्यान

– गुरुवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल करेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन, प्रतिभाशाली छात्रों का होगा सम्मान

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
रोहतक, 5 मई 2026, रोहतक।दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में आयोजित कला प्रदर्शनी ‘अभिव्यंजना’ कला व मनोरंजन का संगम बनकर उभर रही है। मंगलवार से आम लोगों के लिए खोली गई इस प्रदर्शनी में काफी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं।

यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित फैकल्टी ऑफ डिजाइन बिल्डिंग में लगी यह प्रदर्शनी हर उम्र के लोगों को आकर्षित कर रही है। कला के अलग-अलग रूपों के साथ मनोरंजन की भी झलक यहां देखने को मिल रही है।कला प्रदर्शनी में पेंटिंग, स्कल्प्चर, इंस्टॉलेशन आर्ट, फोटोग्राफी, ग्राफिक डिजाइन, एनिमेशन व पारंपरिक कलाओं सहित अनेक विधाओं के दो हजार से अधिक आर्ट वर्क्स प्रदर्शित किए गए हैं। इन कलाकृतियों में जहां छात्रों की आधुनिक सोच व रचनात्मकता दिखाई दे रही है, वहीं भारतीय संस्कृति व परंपराओं की झलक भी स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। खास बात यह है कि हर कलाकृति अपने आप में एक संदेश देती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर रही है।

मंगलवार को काफी संख्या में लोग प्रदर्शनी देखने के लिए पहुंचे। जिन छात्रों के आर्ट वर्क को यहां पर प्रदर्शित किया गया है, उनके अभिभावक भी अपने बच्चों की कला की सराहना करने के लिए पहुंचे। प्रदर्शनी में आने वाले लोग न केवल कलाकृतियों को देख रहे हैं, बल्कि कलाकारों के विचारों व उनकी भावनाओं को भी समझने की कोशिश कर रहे हैं।

ट्विक्स आर्ट में दिखाया प्यार शब्द का दिखायूनिवर्सिटी के छात्र हर्षुल ने एक अलग तरह की आर्ट वर्क को प्रदर्शित किया है। यहां उन्होंने पेड़ की टहनियों के टुकड़ों से प्यार (लव) शब्द की व्यापकता को दिखाने का प्रयास किया है। इस कला को उन्हें ट्विक्स आर्ट नाम दिया है। उन्होंने लकड़ियों के टुकड़ों से लव शब्द में इस्तेमाल होने वाले अक्षर बनाए हैं और उन्हें तार से एक दूसरे से जोड़ा है। कला की खास बात यह है कि इसके लिए आसमान को कैनवास के रूप में इस्तेमाल किया गया है। आर्ट को ऊंचाई पर लटकाया गया है और जब आसमान की तरफ देखते हैं, तो शब्द दिखाई देते हैं। हर्षुल ने बताया कि प्यार को चार अक्षरों में नहीं समेटा जा सकता, क्योंकि इसका आकार आसमान से भी बड़ा है। इसलिए अपनी आर्ट में उन्होंने आसमान को कैनवास बनाया है।

बिना लाइन खींचे शब्दों से बनाए चेहरेकला प्रदर्शनी में अलग-अलग तरह की कलाकृतियां आकर्षित कर रही हैं। छात्रों ने टाइपोग्राफी आर्ट में शानदार चित्र बनाए हैं। इसमें बिना लाइन खींचे, शब्दों से प्रसिद्ध हस्तियों के चित्र तैयार किए हैं। शब्दों में भी उन हस्तियों के नाम, उनकी बोली गई बातों का इस्तेमाल किया गया है। लता मंगेशकर के चित्र में उनके गीतों के शब्द हैं, तो रविंद्र नाथ टैगोर के चित्र में उनकी बातें हैं। यहां किशोर कुमार, शाहरुख खान, अनिल कपूर के साथ कई चर्चित हस्तियों के चित्र हैं। छात्रों ने पेंटिंग के माध्यम से यूनिवर्सिटी कैंपस के अलग-अलग एरिया को भी चित्रित किया है।

मिल रही मनोरंजन की डोजफैकल्टी ऑफ डिजाइन की बिल्डिंग के कोर्ट यार्ड में एक स्टेज भी तैयार किया गया है। प्रदर्शनी की शुरुआत में यहां पर चंडीगढ़ से आए श्याम थापा व उनके ग्रुप ने बांसुरी, सितार व तबले की शानदार धुनों की शानदार प्रस्तुति दी। रोज शाम को साढ़े 6 बजे से 8 बजे तक मंच सभी के लिए ओपन रहता है, जहां पर स्टूडेंट अपनी प्रस्तुति देते हैं। यहां पर बने रैंप हॉल में पेंटिंग सेकंड ईयर के छात्रों ने पीओपी की मदद से जोमेट्रिकल पैटर्न तैयार किए हैं, जिन्हें सभागार की छत से लटकाया गया है।

मंगलवार को छात्र अरूण ने शरीर पर भी यह पैटर्न बनाए और उस छात्र ने करीब पांच घंटे तक बॉडी मूवमेंट एक्ट की शानदार प्रस्तुति देकर सभी का ध्यान खींचा।

सेल्फी प्वाइंट व स्टॉल भी खींच रहे ध्यान

प्रदर्शनी के अलग-अलग जगह पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं, जहां लोग खूब फोटो करा रहे हैं। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रदर्शनी में कुछ स्टॉल भी लगाए हैं, जिन पर खुद से तैयार की गई चीजों को प्रदर्शित किया है। लोग स्टॉल से इन चीजों को खरीद भी सकते हैं। इनमें फूड स्टॉल भी शामिल हैं। इसके अलावा मेकअप के साथ सजावटी सामान भी स्टॉल पर उपलब्ध है।

गुरुवार को आएंगे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल

डीएलसी सुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने बताया कि गुरुवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल कला प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचेंगे। इस दौरान एफटीवी डिपार्टमेंट के मिनी ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वह फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के करीब 49 छात्रों को सम्मानित करेंगे। 19 बच्चों को बेस्ट आर्ट वर्क अवॉर्ड दिया जाएगा, जबकि 30 छात्रों को प्रशंसा पदक दिया जाएंगे। इन छात्रों में विजुअल आर्ट्स के तहत संचालित सभी विभागों के छात्र शामिल हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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