May 23, 2026 10:39 pm

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HARYANA NEWS : सुपवा की ‘अभिव्यंजना’ को लेकर कला प्रेमियों में उत्साह, अब 10 मई तक चलेगी प्रदर्शनी

शुक्रवार को पूर्व आईएएस विवेक अत्रे ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन, छात्रों को किया मोटिवेट

– विवेक अत्रे बोले – देश की शीर्ष प्रदर्शनियों जैसी है अभिव्यंजना

– पेड़ों की छाल, जूट व टाइल के टुकड़ों से बनी कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
रोहतक, 8 मई 2026। दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स की ओर से आयोजित 11वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी ‘अभिव्यंजना’ का शुक्रवार को छठा दिन रहा। कला प्रेमियों व छात्रों के बढ़ते उत्साह को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रदर्शनी की अवधि दो दिन और बढ़ा दी है। अब यह प्रदर्शनी 10 मई तक जारी रहेगी। शुक्रवार को पूर्व आईएएस अधिकारी व मोटिवेशनल स्पीकर विवेक अत्रे ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और छात्रों को मोटिवेट किया।

यूनिवर्सिटी पहुंचने पर फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार और स्टाफ सदस्यों ने विवेक अत्रे का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने फैकल्टी ऑफ डिजाइन की बिल्डिंग में लगी प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया। छात्रों ने अपनी कलाकृतियों के पीछे की सोच और विषयवस्तु के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विवेक अत्रे ने खुद भी चित्रों में रंग भरकर अपनी कलात्मक रुचि का परिचय दिया। बाद में एफटीवी डिपार्टमेंट के मिनी ऑडिटोरियम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने उनका स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया।

छात्रों को संबोधित करते हुए विवेक अत्रे ने कहा कि अभिव्यंजना में आकर उन्हें बेहद सकारात्मक अनुभव हुआ। यहां के छात्र बहुत प्रतिभाशाली, रचनात्मक व ऊर्जा से भरपूर हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित प्रदर्शनियां देखी हैं, लेकिन सुपवा की यह प्रदर्शनी किसी भी शीर्ष प्रदर्शनी से कम नहीं है। उन्होंने पोलैंड के प्रसिद्ध पियानिस्ट पादेरेव्स्की का उदाहरण देते हुए छात्रों को अपनी रचनात्मकता को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि जीवन में दूसरों को बदलने से पहले खुद को बदलना आवश्यक है। सफलता केवल पैसे या प्रसिद्धि हासिल करने का नाम नहीं, बल्कि भीतर की संतुष्टि व आत्मिक शांति का अनुभव है। कई बार एक साधारण व्यक्ति भी वह खुशी व संतोष महसूस कर लेता है, जो बड़े से बड़ा अमीर व्यक्ति नहीं कर पाता। इसलिए इंसान को हमेशा अपने पास मौजूद चीजों के प्रति आभारी और संतुष्ट रहना चाहिए। जब व्यक्ति के भीतर संतोष, कृतज्ञता व सकारात्मक सोच होती है, तभी वह वास्तविक अर्थों में शीर्ष तक पहुंचता है।

विवेक अत्रे ने कहा कि कुलगुरु डॉ. अमित आर्य और स्टाफ सदस्यों से बातचीत के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि सुपवा का पूरा परिवार रचनात्मकता व सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ है। जब किसी संस्थान में छात्र, शिक्षक व नेतृत्व एकजुट होकर कार्य करते हैं और उनका विजन स्पष्ट होता है, तभी वह संस्थान इंस्टीट्यूशन ऑफ एक्सीलेंस बनता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुपवा आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छुएगा।


जौहर, प्रकृति व भाईचारे की थीम पर बनीं अनोखी कलाकृतियां
प्रदर्शनी में छात्रों ने अपने हुनर को बेहद अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया है। पेड़ों की छाल, जूट व घास का उपयोग कर तैयार की गई कलाकृतियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इनमें रानी पद्मावती द्वारा चित्तौड़गढ़ में किए गए जौहर की ऐतिहासिक घटना को भी दर्शाया गया है। छात्रों ने उस स्थान को कलात्मक रूप में उकेरा है, जहां रानी पद्मावती ने जौहर किया था। इसके अलावा टाइल के टुकड़ों से तैयार कलाकृतियों में आपसी भाईचारे, छात्र जीवन व प्रकृति के सौंदर्य को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित प्रत्येक कलाकृति के पीछे एक कहानी छिपी हुई है। उसी कहानी और भावना को थीम बनाकर छात्रों ने अपने आर्टवर्क तैयार किए हैं।

10 मई तक सुबह 10 से शाम 6 बजे तक देख सकेंगे प्रदर्शनी
पहले इस प्रदर्शनी का समापन 8 मई को होना था, लेकिन लगातार बढ़ रही दर्शकों की संख्या व विभिन्न स्कूलों से पहुंच रहे छात्रों के उत्साह को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ा दी गई है। यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने बताया कि अब लोग 10 मई तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक यूनिवर्सिटी परिसर में आकर प्रदर्शनी का आनंद ले सकते हैं।
ओपन स्टेज पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बांध रहीं समां
प्रदर्शनी के शाम के सत्र में आयोजित ओपन स्टेज कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। फैकल्टी ऑफ डिजाइन बिल्डिंग के कोर्टयार्ड में शाम साढ़े छह बजे से रात आठ बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें छात्र म्यूजिक, डांस, कविता पाठ और अभिनय से जुड़ी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। बुधवार शाम छात्रों ने हरियाणवी, पंजाबी व राजस्थानी लोकनृत्यों के साथ-साथ बॉलीवुड गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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