May 6, 2026 1:33 am

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हरियाणा पुलिस की बड़ी उपलब्धि: 12 मोस्ट वांटेड अंतरराष्ट्रीय अपराधी डिपोर्ट होकर गिरफ्तार, संगठित अपराध पर ऐतिहासिक प्रहार

चंडीगढ़, 7 जनवरी। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के गठन के बाद राज्य में संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई सामने आई है। एसटीएफ ने यूएई, थाईलैंड, फिलीपींस, आर्मेनिया, कजाकिस्तान, कंबोडिया और अमेरिका सहित विभिन्न देशों से 12 मोस्ट वांटेड अपराधियों को डिपोर्ट करवाकर गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य कुख्यात अपराधी को जिला पुलिस ने दबोचा। इस तरह कुल 13 अपराधियों की गिरफ्तारी को हरियाणा पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता माना जा रहा है।

वर्ष 2025 से अब तक यह एसटीएफ की छठी बड़ी उपलब्धि है, जिसने यह साफ कर दिया है कि विदेशों में छिपे अपराधी भी अब हरियाणा पुलिस की पकड़ से बाहर नहीं हैं।

डीजीपी अजय सिंघल का सख्त संदेश: जीरो टॉलरेंस और त्वरित कार्रवाई

नव नियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पदभार संभालते ही अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध, फिरौती, अवैध हथियार और हिंसा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अपराधी पुलिस पर हमला करता है या हथियार दिखाता है, तो पुलिस का संवैधानिक आत्मरक्षा का अधिकार स्वतः लागू हो जाता है और ऐसे मामलों में त्वरित व निर्णायक कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने एसटीएफ की साहसिक, तकनीकी रूप से मजबूत और समन्वित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की कोई जगह नहीं है। इन कार्रवाइयों से जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है, वहीं अपराधियों में कानून का भय और गहरा हुआ है।

डिपोर्ट अपराधियों पर 397 मामले दर्ज, तकनीकी निगरानी से मिली सफलता

डिपोर्ट होकर आए 12 अपराधियों पर कुल 397 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें से 109 मामलों का निपटारा पहले ही हो चुका है।

थाईलैंड से डिपोर्ट किए गए तीन अपराधियों पर क्रमशः 61, 79 और 7 मामले दर्ज थे। यूएई से लाए गए दो अपराधियों पर 90 और 27 मामले दर्ज पाए गए। वहीं फिलीपींस से डिपोर्ट अपराधी पर 38, कंबोडिया से लाए गए अपराधी पर 30 और अमेरिका से पकड़े गए अपराधियों पर क्रमशः 7 और 24 मामले दर्ज थे।

इनमें कई अपराधी हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों के मामलों में लंबे समय से वांछित थे। एसटीएफ ने उनकी विदेशों में लोकेशन, मूवमेंट, पासपोर्ट और ट्रैवल रूट को ट्रैक कर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय के जरिए यह बड़ी सफलता हासिल की।

वर्ष 2025 में 810 अपराधी गिरफ्तार, नेटवर्क लगभग पंगु

वर्ष 2025 के दौरान एसटीएफ ने संगठित अपराध के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए कुल 810 अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें 119 मोस्ट वांटेड, 470 गैंगस्टर और 221 जघन्य अपराधों में शामिल आरोपी शामिल हैं।

470 कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी से प्रदेश में सक्रिय बड़े अपराध नेटवर्क लगभग पंगु हो गए हैं। इसी अवधि में 20 मुठभेड़ दर्ज की गईं, जिनमें 4 अत्यंत खतरनाक अपराधियों को निष्क्रिय किया गया, जबकि 26 अपराधी घायल अवस्था में गिरफ्तार हुए।

अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई में 90 आर्म्स एक्ट मामलों में आधुनिक पिस्तौल, रिवॉल्वर, कार्बाइन, डबल बैरल गन, सैकड़ों कारतूस, हैंड ग्रेनेड और आईईडी बरामद किए गए। इसके साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर अफीम, गांजा और पोस्त-चूरा जैसे नशीले पदार्थों की बड़ी खेप जब्त की गई।

हरियाणा पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ संगठित अपराध पर करारा प्रहार है, बल्कि यह संदेश भी है कि अपराधी चाहे देश में हों या विदेश में, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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