June 5, 2026 5:29 am

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CHANDIGARH: मार्केट कमेटी कार्यालय में शराब पीते पकड़े गए 4 कर्मचारी!

रेड के एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं, प्रशासन पर मामला दबाने के आरोप
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 3 जून। चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में कथित तौर पर ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के शराब पीने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, 27 मई को मार्केट कमेटी की प्रशासक एवं एसडीएम (ईस्ट) खुशप्रीत कौर ने शिकायत मिलने पर कार्यालय में अचानक रेड की थी। हालांकि, इस कार्रवाई की जानकारी कई दिनों तक सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे मामले को लेकर संदेह और बढ़ गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, रेड के दौरान एसडीएम ने कार्यालय परिसर में चार कर्मचारियों को ड्यूटी के समय शराब पीते हुए पाया। आरोप है कि मौके पर शराब से संबंधित सामग्री भी बरामद हुई थी। सरकारी कार्यालय में कार्य अवधि के दौरान शराब सेवन की घटना सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
सूत्रों का कहना है कि रेड के दौरान मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई थी और घटनास्थल की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी। इसके बावजूद अब तक संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई, निलंबन, कारण बताओ नोटिस या जांच समिति गठित किए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मामले को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी शराब पीते हुए पाए गए हैं तो यह केवल सेवा नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला भी है। ऐसे में दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए थी।
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि रेड वास्तव में हुई और कर्मचारी मौके पर आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। लोगों का मानना है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है।
सेवा नियमों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में निलंबन से लेकर अन्य दंडात्मक कार्रवाई तक का प्रावधान है। यही कारण है कि कार्रवाई न होने की स्थिति में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
उधर, इस पूरे मामले पर चंडीगढ़ प्रशासन या मार्केट कमेटी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि रेड के दौरान क्या तथ्य सामने आए और मामले की वर्तमान स्थिति क्या है।
अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। वहीं, मामले में पारदर्शी जांच और समयबद्ध कार्रवाई की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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