रमेश गोयत
चंडीगढ़, 23 जुलाई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) और नगर निगम चंडीगढ़ के फंड के कथित गबन से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में गुरुवार को चंडीगढ़ और लुधियाना में पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई IDFC फर्स्ट बैंक में मौजूद खातों से सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग की जांच के तहत की गई।
CBI के अनुसार, छापे संदिग्ध लाभार्थियों के आवासों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, CSCL के एक अधिकारी और जांच से जुड़े निजी संस्थानों में मारे गए। तलाशी के दौरान डिजिटल स्टोरेज डिवाइस, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण कर रही है।
CBI ने बताया कि यह मामला हरियाणा सरकार के अनुरोध पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में लिया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा के माध्यम से हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये कथित रूप से फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और धोखाधड़ी वाली डेबिट ट्रांजैक्शन के जरिए निकालकर शेल कंपनियों तक पहुंचाए गए।
एजेंसी अब तक हरियाणा से जुड़े मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोकसेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।
CBI ने यह भी बताया कि उसने चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों—चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL)/नगर निगम चंडीगढ़ तथा CREST (चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी)—की जांच भी अपने हाथ में ली है। इन दोनों मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी का कहना है कि सार्वजनिक धन के गबन में शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाने और पूरे धन के प्रवाह का पता लगाने के लिए जांच जारी रहेगी।











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