बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 18 जून 2026। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) भर्ती प्रक्रिया से जुड़े पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार द्वारा समाधान का आश्वासन दिए जाने के बावजूद एक महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अभ्यर्थियों ने बताया कि 20 मई को किए गए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर से महेंद्र सैनी ने आश्वासन दिया था कि आयोग के चेयरमैन और प्रभावित अभ्यर्थियों के बीच एक संयुक्त बैठक आयोजित कर समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जाएगी। लेकिन लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी न तो कोई बैठक बुलाई गई और न ही सरकार की ओर से कोई पहल की गई।
सरकार की कथित वादाखिलाफी से नाराज अभ्यर्थियों ने अब आमरण अनशन का रास्ता अपनाया है। ओबीसी ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र तंवर ने अनशन पर बैठने वाले अभ्यर्थियों को फूल-मालाएं पहनाकर आंदोलन की शुरुआत करवाई और उनकी मांगों का समर्थन किया।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में इंटरव्यू के लिए निर्धारित 35 प्रतिशत पात्रता मानदंड को समाप्त कर दोगुने अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाना, कैटेगरी प्रमाण पत्र के आधार पर बाहर किए गए अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना तथा सामान्य वर्ग की सीटों में हरियाणा के निवासियों के लिए 90 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना शामिल है।
आमरण अनशन पर बैठी अभ्यर्थी पल्लवी, शुमन चौहान और रमनदीप कौर ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगी। तीनों अभ्यर्थियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार को प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय देते हुए ज्वाइनिंग देनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन लगातार अनदेखी किए जाने के कारण अब उन्हें आमरण अनशन का सहारा लेना पड़ा है। आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं का भी समर्थन मिल रहा है।














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