1952 से 2024 तक हर चुनाव के आंकड़े, जीत-हार और सरकार गठन का पूरा रिकॉर्ड शामिल
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 20 जून 2026। हरियाणा की राजनीति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण पुस्तक ‘चौपाल से चंडीगढ़’ का शनिवार को पंचकूला में विमोचन किया गया। 500 से अधिक पन्नों वाली इस पुस्तक में वर्ष 1952 से 2024 तक हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों का विस्तृत इतिहास, चुनावी आंकड़े और राजनीतिक घटनाक्रम दर्ज किए गए हैं।
पुस्तक के लेखक एवं पत्रकार दीपकमल सहारण ने बताया कि ‘चौपाल से चंडीगढ़’ में संयुक्त पंजाब, पेप्सु स्टेट और हरियाणा के पिछले 75 वर्षों के राजनीतिक सफर को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें हर विधानसभा चुनाव में कौन जीता, कौन हारा, किस नेता ने किस सीट से चुनाव लड़ा और किस तरह राजनीतिक समीकरण बदले, इसकी पूरी जानकारी दी गई है।
किताब में हरियाणा के 1000 से ज्यादा राजनेताओं के चुनावी सफर, सरकारों के गठन, मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, विधानसभा अध्यक्षों, उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों से जुड़ी जानकारी शामिल की गई है। इसके अलावा विधानसभा उपचुनावों, राजनीतिक परिवारों के प्रभाव और चुनावी इतिहास को भी विस्तार से दर्ज किया गया है।
लेखक के अनुसार, पुस्तक में हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों के साथ-साथ पुराने परिसीमन के बाद खत्म हो चुकी विधानसभा सीटों का चुनावी रिकॉर्ड भी टेबल के माध्यम से दिया गया है। इसमें प्रमुख राजनीतिक दलों के इतिहास और उनके चुनावी प्रदर्शन का भी विश्लेषण किया गया है।

‘चौपाल से चंडीगढ़’ में संयुक्त पंजाब के तीन, पेप्सु के दो और हरियाणा के सभी विधानसभा चुनावों के परिणाम क्रमवार प्रकाशित किए गए हैं। हर चुनाव के बाद बनी सरकार और मंत्रिमंडल की विभागवार जानकारी भी इसमें शामिल है। इसके अलावा हरियाणा की सभी महिला विधायकों और एक से अधिक सीटों से चुनाव लड़ने वाले नेताओं का रिकॉर्ड भी दिया गया है।
दीपकमल सहारण इससे पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव-2014 पर आधारित पुस्तक ‘दिलबदल हरियाणा’ लिख चुके हैं। करीब दो दशक से पत्रकारिता और मीडिया प्रबंधन से जुड़े दीपकमल ने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य हरियाणा की राजनीति के पुराने और नए दौर को प्रमाणिक आंकड़ों के साथ संजोना है, ताकि पाठकों को चुनावी इतिहास की सटीक जानकारी मिल सके।
विमोचन कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों, शिक्षाविदों, वकीलों, शोधार्थियों और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया। वरिष्ठ पत्रकार नरेश कौशल ने कहा कि डिजिटल और एआई के दौर में हरियाणा विधानसभा चुनावों के 75 वर्षों के इतिहास को शोधपूर्ण तरीके से 500 से अधिक पृष्ठों में संकलित करना बेहद चुनौतीपूर्ण और सराहनीय कार्य है।
वरिष्ठ पत्रकार विजय गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तक राजनीति विज्ञान, इतिहास, पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और पत्रकारों के लिए उपयोगी साबित होगी।
वरिष्ठ पत्रकार बृज मोहन सिंह ने कहा कि ‘चौपाल से चंडीगढ़’ आने वाले समय में हरियाणा की राजनीति के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ साबित होगी और नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने में मदद करेगी।














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