बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 21 जून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार की स्थिति बेहद चिंताजनक है और पढ़े-लिखे युवाओं को भी चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के लिए कतार में खड़ा होना पड़ रहा है, जो सरकार की रोजगार नीतियों की विफलता को दर्शाता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में लाखों शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, जबकि सरकारी विभागों में करीब दो लाख पद खाली पड़े हैं। इसके बावजूद नियमित भर्ती प्रक्रिया को तेज नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।
उन्होंने हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) में सफाईकर्मी के एक पद के लिए बड़ी संख्या में युवाओं के आवेदन करने की घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि जिस पद के लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं पास रखी गई थी, उसके लिए एमए, बीएड, एमफिल और अन्य उच्च शिक्षित युवा परीक्षा देने पहुंचे।
सांसद ने कहा कि यह केवल एक भर्ती प्रक्रिया की तस्वीर नहीं है, बल्कि प्रदेश में रोजगार के हालात की वास्तविक स्थिति को सामने लाती है। जब उच्च शिक्षित युवा भी सफाईकर्मी जैसे पदों के लिए आवेदन करने को मजबूर हैं, तो कम शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में वर्षों की देरी और अनिश्चितता युवाओं की परेशानी बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी उम्र और समय दोनों गंवा रहे हैं, जबकि सरकार को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से भर्तियां पूरी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि युवाओं को उनकी योग्यता और शिक्षा के अनुसार रोजगार मिलना चाहिए। सरकार को सभी विभागों में रिक्त पदों का वास्तविक आंकड़ा सार्वजनिक कर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा का युवा अवसर चाहता है, केवल वादे नहीं। रोजगार सृजन के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे।
प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने रोहतक जिले के महम में कांग्रेस विधायक बलराम डांगी के कार्यालय के बाहर हुई फायरिंग की घटना को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधायक कार्यालय के बाहर और थाने से कुछ दूरी पर इस तरह की घटना होना प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती गोलीबारी, लूट, फिरौती और आपराधिक घटनाएं चिंता का विषय हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सैलजा ने मांग की कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का कानून व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके।














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